कश्मीर रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने के लिए पटरियों का होगा दोहरीकरण: अश्विनी वैष्णव

जम्मू-कश्मीर में रेल कनेक्टिविटी के एक नए अध्याय की शुरुआत करते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि जम्मू-श्रीनगर रेल खंड का दोहरीकरण किया जाएगा। गुरुवार को जम्मू तवी स्टेशन से विस्तारित वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाने के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार का अगला लक्ष्य इस मार्ग पर ट्रेनों की आवृत्ति बढ़ाना है। रेल मंत्री ने सुरक्षा मानकों और आधुनिक रखरखाव प्रक्रियाओं को इस विकास की धुरी बताया।
मंत्री वैष्णव ने बताया कि जम्मू-कटरा-श्रीनगर मार्ग पर वंदे भारत एक्सप्रेस 100 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी के साथ चल रही है। उन्होंने कहा कि नई 20 बोगियों वाली ट्रेन को विशेष रूप से अत्यधिक ठंड और बर्फबारी को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, जिसमें 3000 माइक्रोचिप्स और विशेष हीटिंग सिस्टम लगे हैं। यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए इस ट्रेन में अब डोगरी और कश्मीरी व्यंजन भी परोसे जा रहे हैं।
आर्थिक लाभों पर चर्चा करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि कश्मीर के फल उत्पादकों को इस रेल लाइन से सीधा लाभ मिल रहा है। करोड़ों किलोग्राम सेब का परिवहन अब सुगमता से हो रहा है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस बात का समर्थन किया कि सीमेंट और कारों जैसे भारी माल की आवाजाही अब श्रीनगर तक रेल के माध्यम से संभव हो पा रही है। मुख्यमंत्री ने केंद्र से जम्मू-कश्मीर में ही कस्टम क्लियरेंस की सुविधा प्रदान करने के लिए ड्राई पोर्ट स्थापित करने का आग्रह किया।
समारोह में उपस्थित केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी के विजन की सराहना करते हुए कहा कि दशकों से लंबित श्रीनगर रेल परियोजना उनके कार्यकाल में ही पूर्ण हुई है। उन्होंने कहा कि उधमपुर में ट्रेन के ठहराव और दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब पुल के निर्माण ने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी की तस्वीर बदल दी है।
यह विस्तार विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि 2025 में शुरू हुई इस सेवा की भारी मांग को देखते हुए कोचों की संख्या दोगुनी से अधिक कर दी गई है। इससे सीधे तौर पर जम्मू और श्रीनगर के बीच यात्रा करने वाले 1400 यात्रियों को हर फेरे में लाभ मिलेगा, जिससे प्रतीक्षा सूची के दबाव में कमी आएगी और क्षेत्रीय पर्यटन को एक नई गति प्राप्त होगी।



