मौसम अपडेट :

मौसम का मिजाज बदला: नौ राज्यों में आंधी-बारिश की चेतावनी, पारा गिरने से लू का असर होगा कम
देश के मध्य और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में जारी प्रचंड गर्मी के बीच शनिवार को मौसम में बड़े बदलाव के संकेत मिले हैं। मौसम विभाग ने नौ राज्यों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है, जिससे तपते पारे में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आने के आसार हैं। यह मौसमी बदलाव स्थानीय प्रणालियों के सक्रिय होने के कारण देखा जा रहा है।
जम्मू-कश्मीर के चिनाब घाटी क्षेत्र में प्राकृतिक आपदा ने आवाजाही रोक दी है। डोडा-किश्तवाड़ मार्ग पर बड़े पैमाने पर लैंडस्लाइड होने से मार्ग अवरुद्ध हो गया है, जिसके कारण 100 से अधिक गाड़ियां बीच रास्ते में रुकी हुई हैं। स्थानीय प्रशासन मलबे को हटाकर यातायात बहाल करने के प्रयासों में जुटा है। इधर उत्तर प्रदेश में भी तापमान में उतार-चढ़ाव जारी है। राज्य के उरई में तापमान 41.6 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि हरदोई में न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है।
मध्य भारत के राज्यों में भी हलचल तेज है। मध्य प्रदेश में पिछले 48 घंटों के दौरान 35 जिलों में बारिश और ओले गिरे हैं। शनिवार को भी ग्वालियर और चंबल संभाग सहित 21 जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश की चेतावनी दी गई है। बिहार में मौसम विभाग ने सुरक्षा के मद्देनजर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राज्य में शुक्रवार को वज्रपात (आकाशीय बिजली) के कारण कैमूर और खगड़िया में दो लोगों की असामयिक मृत्यु की खबर है, जिसके बाद प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम में बाहर न निकलने की सलाह दी है।
राजस्थान के पश्चिमी क्षेत्रों में फिलहाल गर्मी का तीखा तेवर बरकरार है, जहां बाड़मेर और बीकानेर जैसे शहरों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के ऊपर पहुंच गया है। हालांकि, विभाग ने जयपुर और अजमेर सहित 16 जिलों में आगामी चार दिनों के लिए आंधी-बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। मई के समग्र अनुमान पर नजर डालें तो विभाग का मानना है कि इस बार बारिश सामान्य से अधिक होगी, जिससे तापमान में बहुत अधिक बढ़ोतरी की संभावना कम है।
मई के प्रथम सप्ताह के दौरान मौसम की स्थिति मिली-जुली रहेगी। 3 मई को सिक्किम और पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। वहीं 4 मई को राजधानी दिल्ली सहित हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड में बारिश का विस्तार होगा। राजस्थान के कुछ हिस्सों में लू का प्रकोप जारी रह सकता है, जबकि दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में नमी के कारण उमस भरा मौसम बना रहने का अनुमान लगाया गया है।



