कारगिल में विकास की नई उड़ान: गृह मंत्री ने डेयरी प्लांट और डिजिटल ऐप के साथ दी सहकारिता को मजबूती

लद्दाख के रणनीतिक और आर्थिक विकास को प्राथमिकता देते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कारगिल में कई बुनियादी परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इन परियोजनाओं का मुख्य केंद्र डेयरी और सहकारिता क्षेत्र है, जिसका उद्देश्य लद्दाख के दूरदराज के इलाकों में रहने वाले नागरिकों को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ना है।
आयोजन के दौरान 25 करोड़ रुपये के निवेश से तैयार होने वाले डेयरी प्लांट का शिलान्यास मुख्य आकर्षण रहा। इस संयंत्र की क्षमता हर रोज 10,000 लीटर दूध प्रोसेस करने की होगी। अमित शाह के अनुसार, इस निवेश का सबसे बड़ा लाभ क्षेत्र की महिलाओं को मिलेगा, जो अब डेयरी व्यवसाय के माध्यम से सीधे तौर पर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा सकेंगी।
सहकारिता में पारदर्शिता लाने के लिए ‘EMCS’ नामक ऐप जारी किया गया है, जो दुग्ध उत्पादकों के लिए भुगतान और रिकॉर्ड को सुगम बनाएगा। लद्दाख के उत्पादों को बड़े बाजार दिलाने के लिए मदर डेयरी के साथ हुए समझौते को भी एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। गृह मंत्री ने डेटा साझा करते हुए बताया कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण देश का दुग्ध उत्पादन बढ़कर 248 मिलियन टन हो गया है और अब लद्दाख में भी इसी तर्ज पर पश्मीना और ऑर्गेनिक खेती के लिए समितियां बनाई जाएंगी।
अमित शाह ने विकास के आंकड़ों के जरिए बताया कि 2019 के बाद लद्दाख में बदलाव की गति तेज हुई है। केंद्र सरकार ने यहां के विकास बजट में छह गुना की बढ़ोतरी की है, जिसका परिणाम सड़कों, पुलों और बेहतर मोबाइल कनेक्टिविटी के रूप में सामने है। जोजिला दर्रा अब पहले के मुकाबले अधिक समय तक यातायात के लिए खुला रहता है और रणनीतिक सुरंगों का काम भी युद्ध स्तर पर जारी है।
शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी जरूरतों पर बोलते हुए उन्होंने सिंधु केंद्रीय विश्वविद्यालय, स्मार्ट क्लासरूम और अटल टिंकरिंग लैब जैसी पहलों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत लगभग 98% परिवारों को स्वच्छ पानी के कनेक्शन मिल चुके हैं। संबोधन के समापन पर अमित शाह ने लद्दाख के निवासियों के साहस को सलाम करते हुए कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा और संकट के समय उनकी वीरता सदैव स्मरणीय रहेगी।



