भारतीय शेयर बाजार में लौटी रौनक: वैश्विक मजबूती और कच्चे तेल की गिरती कीमतों से सेंसेक्स में 941 अंकों की रिकवरी

सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन यानी 6 मई को भारतीय शेयर बाजार ने शानदार रिकवरी की। सेंसेक्स 1.22% की तेजी के साथ 77,959 के करीब पहुंच गया, वहीं निफ्टी ने भी 1.24% की बढ़त दर्ज कर 24,331 का आंकड़ा छू लिया। बाजार में आए इस उछाल ने मंगलवार की 251 अंकों की गिरावट की भरपाई कर दी है। आज के कारोबार में ऑटो और एफएमसीजी सेक्टर में सबसे अधिक सक्रियता देखी गई।
बाजार की मजबूती का मुख्य केंद्र कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट रही। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित युद्ध विराम की खबरों के चलते ब्रेंट क्रूड, जो दिन की शुरुआत में 108 डॉलर पर था, गिरकर 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया। सामरिक विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान के दक्षिण में स्थित ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’, जहां से विश्व की कुल तेल और गैस आपूर्ति का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है, वहां से आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को शांत किया है।
एशियाई और अमेरिकी बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने भी भारतीय इंडेक्स को मजबूती प्रदान की। 5 मई को अमेरिकी बाजार के डाउ जोन्स में 0.73% और नैस्डैक में 1.03% की वृद्धि देखी गई थी। इसी क्रम में आज एशियाई बाजारों ने भी बढ़त के साथ कारोबार किया। बाजार के आंतरिक आंकड़ों के अनुसार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की डेरिवेटिव मार्केट में हिस्सेदारी मार्च तक बढ़कर 62.9% हो गई है, जबकि इंडेक्स ऑप्शंस में यह 72.1% के उच्च स्तर पर पहुंच गई है।
निवेशकों के आंकड़ों पर नजर डालें तो विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली का सिलसिला अब भी जारी है। पिछले 30 दिनों में FII ने कुल ₹44,492 करोड़ के शेयर बेचे हैं, जबकि इसी अवधि में घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹35,962 करोड़ का निवेश किया है। बुधवार की तेजी में बैंकिंग और रिअल्टी शेयरों का प्रदर्शन सराहनीय रहा, जिससे निवेशकों की संपत्ति में इजाफा हुआ है।



