बाड़मेर में तापमान 46.8 डिग्री पहुंचा, उत्तराखंड में चार धाम यात्रियों के लिए अलर्ट जारी

 भारत के रेगिस्तानी और मध्य इलाकों में भीषण गर्मी ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। रविवार को राजस्थान का बाड़मेर जिला देश में सर्वाधिक गर्म रहा, जहां पारा 46.8°C तक जा पहुंचा। इसके साथ ही राजस्थान के जैसलमेर और फलोदी में भी तापमान 46°C के ऊपर दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आगामी दो दिनों में राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में गर्मी का प्रकोप और बढ़ने के आसार हैं।

मध्य प्रदेश के रतलाम में रविवार को पारा 45.5°C रहा, जबकि भोपाल में गर्मी का अहसास वास्तविक तापमान से अधिक महसूस किया गया। हालांकि, सोमवार को राज्य के आठ जिलों, जिनमें मंडला और सिवनी शामिल हैं, वहां आंधी और बारिश का अलर्ट भी जारी किया गया है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन में तेज गर्मी का दौर जारी रहने की संभावना है। गुजरात के राजकोट और अमरेली में भी हीटवेव ने लोगों को बेहाल किया।

पहाड़ी राज्यों और मैदानी इलाकों में 12 मई से मौसम में बड़े बदलाव के संकेत हैं। उत्तराखंड के सभी जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने चार धाम यात्रियों को मौसम की सटीक जानकारी लेकर ही आगे बढ़ने की अपील की है। पंजाब और चंडीगढ़ में भी अगले चार दिनों तक धूल भरी आंधी और आकाशीय बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है। हरियाणा के सिरसा और फरीदाबाद जैसे जिलों में जहां लू की स्थिति है, वहीं पंचकूला और अंबाला में बारिश का पूर्वानुमान है।

बिहार और छत्तीसगढ़ में भी मौसम विभाग ने आंधी-बारिश की संभावना जताई है। बिहार के 19 जिलों में अगले चार दिनों तक बिजली गिरने और तेज हवाओं का खतरा बना हुआ है, जिससे फिलहाल वहां तापमान 40°C से नीचे बना हुआ है। छत्तीसगढ़ में भी अगले पांच दिनों तक शाम के समय गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा होने का अनुमान है, जिससे तापमान में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहेगी।

13 मई को उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों और झारखंड में भी मौसम बदलने की उम्मीद है। विभाग के मुताबिक, हिमालयी क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मैदानी इलाकों में तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे भीषण गर्मी से आंशिक राहत मिल सकती है। हालांकि, दक्षिण और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में पारा बढ़ने की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button