शेयर बाज़ार अपडेट :

सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट: 76,300 के स्तर पर आया बाजार, विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी
घरेलू शेयर बाजार के लिए 11 मई का दिन काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा और शुरुआती सत्र में ही सेंसेक्स करीब 1,000 अंक लुढ़क गया। बाजार में छाई इस मंदी के कारण सेंसेक्स फिलहाल 76,300 के करीब कारोबार कर रहा है, वहीं निफ्टी भी 300 अंकों की कमजोरी के साथ 23,900 के मनोवैज्ञानिक स्तर पर आ गया है। आज के कारोबार में रियल्टी और बैंकिंग जैसे प्रमुख सेक्टरों में निवेशकों ने मुनाफावसूली और डर के कारण भारी बिकवाली की है।
बाजार में आई इस अचानक गिरावट के लिए मुख्य रूप से भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की अस्थिरता को जिम्मेदार माना जा रहा है। ईरान-इजराइल संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर माल की आवाजाही प्रभावित होने का डर बना हुआ है। भारत के संदर्भ में कच्चे तेल के बढ़ते दाम चिंता का विषय हैं, क्योंकि इससे राजकोषीय घाटा और मुद्रास्फीति बढ़ने की संभावना है। साथ ही, अन्य एशियाई देशों के बाजारों से मिल रहे नकारात्मक संकेतों ने गिरावट को हवा दी है।
विदेशी निवेशकों के व्यवहार पर नजर डालें तो बाजार में बिकवाली का दबाव साफ नजर आता है। बीते एक सप्ताह में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बाजार से 13,908 करोड़ रुपए की निकासी की है। अगर पिछले 30 दिनों के आंकड़े देखें तो यह राशि 42,235 करोड़ रुपए तक पहुंच जाती है। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाजार में स्थिरता लाने के लिए पिछले 7 दिनों में 16,629 करोड़ रुपए का निवेश किया है, जो संस्थागत स्तर पर खरीदारी और बिकवाली के बड़े अंतर को दर्शाता है।
एशियाई क्षेत्र के अन्य इंडेक्स की बात करें तो जापान और हॉन्गकॉन्ग के बाजारों में गिरावट का रुख रहा। निक्केई 0.36% और हैंगसेंग 0.30% की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे हैं। हालांकि, दक्षिण कोरिया का कोस्पी अपवाद रहा, जिसने बढ़त दर्ज की। वैश्विक बाजारों का यह रुख भारतीय बाजार के सेंटिमेंट को प्रभावित कर रहा है।
गौरतलब है कि बाजार में पिछले सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन यानी 8 मई को भी सुस्ती देखी गई थी। उस समय सेंसेक्स 77,328 अंक पर बंद हुआ था, जो पिछले बंद से 516 अंक कम था। निफ्टी भी 150 अंक गिरकर 24,176 पर आ गया था। आज की 1,000 अंकों की गिरावट दर्शाती है कि बाजार फिलहाल अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है।



