मौसम अपडेट :

मानसून की सक्रियता और भीषण गर्मी का दोहरा प्रभाव: दक्षिण में समय से पहले वर्षा के संकेत, राजस्थान और एमपी में लू का प्रकोप
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने संकेत दिए हैं कि दक्षिण-पश्चिम मानसून इस बार तय समय से पूर्व केरल पहुँच सकता है। बंगाल की खाड़ी में बने अनुकूल वायुमंडलीय तंत्र के कारण मानसून की प्रगति तेज हुई है, जिसके परिणामस्वरूप 25 से 27 मई के बीच केरल में पहली बारिश होने की उम्मीद है। इस बदलाव से दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्रों में मानसून पूर्व की गतिविधियों में तेजी आएगी और केरल, तमिलनाडु एवं कर्नाटक में मध्य मई तक भारी वर्षा का दौर शुरू हो सकता है।
मैदानी राज्यों में मौसम की स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है। राजस्थान के बाड़मेर में सोमवार को रिकॉर्ड 47.3°C तापमान दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का उच्चतम स्तर है। प्रदेश के आठ जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी के बीच जोधपुर और बाड़मेर में हीटवेव का ऑरेंज अलर्ट प्रभावी है। मध्य प्रदेश में भी स्थिति समान है, जहाँ रतलाम में तापमान 45°C के पार पहुँच गया है और आगामी दिनों में कई जिलों में लू का प्रभाव बढ़ने की संभावना है।
पूर्वी और उत्तर भारत में भी मौसम विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। बिहार के सभी 38 जिलों में आज आंधी-बारिश की संभावना जताई गई है, जिसमें 19 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर प्रदेश में भी बांदा जैसे शहरों में पारा 41.6°C तक पहुँच गया है, लेकिन आज 38 जिलों में आंधी और ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है। यहाँ हवाओं की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँच सकती है।
आगामी दो दिनों का पूर्वानुमान बताता है कि 14 मई को उत्तर-पश्चिम भारत के बड़े हिस्से में मौसम बदलेगा। पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है, जिससे तापमान में कुछ कमी आ सकती है। दूसरी ओर, पूर्वोत्तर राज्यों जैसे असम, मेघालय और मणिपुर में भी बिजली गिरने और वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। ओडिशा में बंगाल की खाड़ी के सिस्टम के असर से अगले छह दिनों तक बारिश की स्थिति बनी रहने का अनुमान है।



