देशव्यापी मतदाता सूची शुद्धिकरण अभियान का तीसरा चरण शुरू; 36 करोड़ से अधिक मतदाताओं का होगा घर-घर सत्यापन

लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता के तहत, निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को 19 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के शुभारंभ की घोषणा कर दी है। इस अभियान के माध्यम से आयोग मतदाता सूचियों को अपडेट करने और उनमें मौजूद अशुद्धियों को दूर करने का प्रयास कर रहा है। यह चरण विशेष रूप से उन क्षेत्रों में शुरू किया गया है जहाँ जनगणना के कार्य में लगी फील्ड मशीनरी अब इस कार्य के लिए उपलब्ध है।
तकनीकी और मौसमी कारणों से हिमाचल प्रदेश और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर व लद्दाख में यह अभियान अभी शुरू नहीं किया गया है। इन क्षेत्रों में ऊँचाई और बर्फबारी जैसी बाधाओं को देखते हुए आयोग बाद में कार्यक्रम जारी करेगा। शेष राज्यों में करीब 3.94 लाख बीएलओ को घर-घर जाकर 36.73 करोड़ मतदाताओं के विवरण को सत्यापित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। निष्पक्षता बनाए रखने के लिए राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों (बीएलए) को भी इस प्रक्रिया से जोड़ा गया है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अभियान की महत्ता स्पष्ट करते हुए कहा कि एसआईआर का मूल उद्देश्य मतदाता सूची की सत्यता को हर स्तर पर सुनिश्चित करना है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे गणना फॉर्म भरकर इस सरकारी प्रयास में अपना योगदान दें ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति वोट देने के अधिकार से वंचित न रहे और अपात्र नाम सूची से बाहर किए जा सकें।
उल्लेखनीय है कि इस अभियान के पहले दो चरणों में 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 59 करोड़ मतदाताओं तक पहुंच बनाई गई थी। आयोग ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से भी अनुरोध किया है कि वे प्रत्येक मतदान केंद्र पर अपने एजेंट नियुक्त करें ताकि संशोधन की पूरी प्रक्रिया समावेशी और पारदर्शी बनी रहे। इस गहन जांच से फर्जी या दोहरी प्रविष्टियों को हटाने में बड़ी मदद मिलने की उम्मीद है।



