प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीदरलैंड यात्रा: तकनीक और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए डच प्रधानमंत्री और शाही परिवार से करेंगे मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पांच देशों के कूटनीतिक दौरे के अगले चरण में शुक्रवार की शाम को नीदरलैंड की राजधानी पहुंचे, जहां शनिवार को वह नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटन के साथ कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे। अपनी इस आधिकारिक यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी वहां के शासक किंग विलेम-अलेक्जेंडर और क्वीन मैक्सिमा से भी मुलाकात करेंगे। इससे पहले, अपनी पांच राष्ट्रों की यात्रा की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री शुक्रवार को सबसे पहले संयुक्त अरब अमीरात के दौरे पर गए थे।
यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीदरलैंड की दूसरी आधिकारिक यात्रा है, इससे पहले वे साल 2017 में यहां आए थे। वह 17 मई तक इस देश के दौरे पर रहेंगे। भारत और नीदरलैंड के बीच बढ़ते सहयोग के मौजूदा दौर में इस यात्रा को कूटनीतिक रूप से बेहद खास माना जा रहा है, जिससे दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच रणनीतिक साझेदारी को एक नया आयाम मिलने की उम्मीद है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए प्रधानमंत्री के आगमन की जानकारी साझा करते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी नीदरलैंड पहुंच गए हैं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि इस दौरे के माध्यम से भारत और नीदरलैंड के विभिन्न क्षेत्रों के द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही यह यात्रा यूरोप में रह रहे सबसे बड़े भारतीय समुदाय के लोगों के साथ संवाद स्थापित करने का एक बड़ा जरिया बनेगी।
यात्रा के मुख्य एजेंडे के संबंध में विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि दोनों देशों ने पिछले कुछ वर्षों में व्यापार और निवेश के पारंपरिक क्षेत्रों सहित जल प्रबंधन, कृषि व स्वास्थ्य सेवा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आपसी संबंधों को बहुत मजबूत किया है। उन्होंने यह भी साझा किया कि हाल के दिनों में अत्याधुनिक तकनीक, नवाचार, रक्षा, सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, रिन्यूएबल एनर्जी, शिक्षा और समुद्री क्षेत्रों में भी दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग में बड़ा विस्तार देखा गया है।
भारत और नीदरलैंड के मजबूत होते रिश्तों में सामाजिक और सांस्कृतिक जुड़ाव की भी बड़ी भूमिका है। नीदरलैंड्स में इस समय 90,000 से अधिक गैर-निवासी भारतीय और भारतीय मूल के लोग रह रहे हैं, और साथ ही वहां सूरीनामी हिंदुस्तानी समुदाय के भी 2,00,000 से ज्यादा लोग मौजूद हैं। शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ते तालमेल के तहत नीदरलैंड की विभिन्न यूनिवर्सिटियों में करीब 3,500 भारतीय छात्र इस वक्त उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे का उद्देश्य दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही आर्थिक और तकनीकी सहभागिता को और प्रगाढ़ करना है। उम्मीद की जा रही है कि दोनों पक्षों की इस साझा पहल से पारस्परिक साझेदारी के रणनीतिक पहलुओं को एक नई मजबूती और दिशा मिलेगी।



