मौसम अपडेट :

देश में इस वर्ष मानसून का आगमन अपनी तय समय-सारणी से चार दिन पूर्व यानी 26 मई को केरल के रास्ते होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों के इस सकारात्मक पूर्वानुमान के बीच अमेरिकी मौसम एजेंसी ‘नोआ’ ने चेतावनी दी है कि इस साल प्रशांत महासागर में ‘सुपर अल नीनो’ की स्थिति बन रही है। इस भौगोलिक घटना के कारण समुद्री तापमान बढ़ने से मानसूनी हवाओं का मार्ग परिवर्तित हो जाता है, जिससे भारतीय उपमहाद्वीप और दक्षिण-पूर्व एशिया में सामान्य से कम वर्षा होने, सूखे के हालात बनने तथा अत्यधिक गर्मी पड़ने की आशंका गहरा गई है। भारत में अमूमन 1 जून को प्रवेश करने वाला मानसून इस बार समय से पहले देश के अन्य हिस्सों में भी पहुंचेगा, जिसके तहत मध्य प्रदेश में 12 जून, उत्तर प्रदेश में 18 जून, राजस्थान में 20 जून और बिहार में 8-10 जून के बीच वर्षा की शुरुआत हो सकती है।

वर्तमान मौसमी परिस्थितियों की बात करें तो उत्तर और मध्य भारत के एक बड़े हिस्से में आज भीषण लू (हीटवेव) का प्रकोप देखा जा रहा है। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड और विदर्भ के कई जिलों में पारा 46°C से 47°C के बीच पहुंचने का अनुमान है, जबकि मध्य प्रदेश और विदर्भ में रात के समय भी लू चलने का अलर्ट जारी किया गया है। पिछले 24 घंटों के दौरान महाराष्ट्र के अमरावती में तापमान 45.6°C और राजस्थान के फलौदी में 44.8°C दर्ज किया गया। मध्य प्रदेश के भोपाल में पारा 42°C के पार चला गया, जिसके कारण तीखी धूप से सड़कों पर बिछा डामर पिघलने लगा।

मौसम विभाग द्वारा जारी अगले दो दिनों के बुलेटिन के अनुसार, 17 मई को झारखंड में गरज-चमक के साथ तीव्र बारिश का ऑरेंज अलर्ट है, जबकि बिहार के 19 और हरियाणा के 8 जिलों में धूलभरी आंधी के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। पंजाब और राजस्थान में आगामी एक सप्ताह तक लू की स्थिति यथावत रहेगी, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों (जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड) में वर्षा के साथ ओलावृष्टि की संभावना है। इसके अगले दिन यानी 18 मई को बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर राज्यों में वज्रपात के साथ आंधी-बारिश की चेतावनी दी गई है। वहीं, राजस्थान में अत्यधिक तीव्र लू चलने और रातें गर्म रहने का अनुमान है। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और महाराष्ट्र में भी लू का प्रकोप रहेगा, जबकि सुदूर दक्षिण और पूर्वोत्तर के राज्यों जैसे असम, मेघालय, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में भारी बारिश की उम्मीद है।

प्रांतीय स्तर पर मौसम के विश्लेषण को देखें तो राजस्थान के जयपुर, अलवर, भरतपुर, करौली, दौसा और धौलपुर जिलों में आज आंधी-बारिश की संभावना है, जबकि बाकी हिस्सों में 45 से 46°C तापमान के साथ भीषण गर्मी पड़ेगी। मध्य प्रदेश के 12 शहरों में कल तापमान 43°C के पार रहा, जिसमें खंडवा 45.1°C के साथ सबसे तप्त स्थान रहा; आज राज्य के 37 जिलों में लू चलने और इंदौर-उज्जैन में रातें गर्म रहने की चेतावनी है। उत्तर प्रदेश के झांसी और ललितपुर समेत आठ जिलों में लू के कारण पारा 47°C तक जा सकता है, कल यहाँ बांदा में सर्वाधिक 45.2°C तापमान दर्ज किया गया। हरियाणा में पश्चिमी शुष्क हवाओं के कारण आगामी पांच दिनों तक लू का अलर्ट है, और यहाँ 25 मई से शुरू हो रहे ‘नौतपा’ के दौरान तापमान में 3 से 4°C की और वृद्धि होने का अनुमान लगाया गया है।

इसके विपरीत, बिहार में बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और स्थानीय बादलों के कारण प्री-मानसून प्रणाली सक्रिय हो गई है, जिससे प्रदेश के सभी 38 जिलों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बारिश होने का अनुमान है। झारखंड के अधिकांश हिस्सों में आज बादल छाए रहेंगे, हालांकि गढ़वा और पलामू जिलों में लू की स्थिति बनी रहेगी। पंजाब और चंडीगढ़ में आज मौसम शुष्क रहेगा और किसी तरह की वर्षा नहीं होगी, लेकिन रविवार से यहां पांच दिनों तक तीव्र लू चलने का अनुमान है। छत्तीसगढ़ में सक्रिय एक नए वेदर सिस्टम के कारण बीते 24 घंटों में हुई बारिश से तापमान में 2 से 5°C की गिरावट दर्ज की गई है। पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश के मैदानी इलाकों में भी गर्मी का असर दिखने लगा है, जहां ऊना में पारा 37°C तक पहुंच गया है; मौसम विभाग के अनुसार 21 मई तक मौसम साफ रहने से तापमान में 5°C तक की बढ़ोतरी हो सकती है, हालांकि चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी में आंधी-तूफान का यलो अलर्ट जारी किया गया है।

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