भारत-इटली द्विपक्षीय संबंधों में नया अध्याय: राजनीतिक संवाद बढ़ाने और व्यापार को 20 अरब यूरो तक ले जाने का संकल्प, रक्षा सहयोग पर भी बड़ा फैसला

इटली की राजधानी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी इतालवी समकक्ष जॉर्जिया मेलोनी के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता में भारत और इटली के आपसी संबंधों को “विशेष रणनीतिक साझेदारी” में बदलने का औपचारिक निर्णय लिया गया है। यह घोषणा प्रधानमंत्री मोदी की 19-20 मई 2026 की इटली की आधिकारिक यात्रा के दौरान की गई, जो प्रधानमंत्री मेलोनी के विशेष आमंत्रण पर आयोजित हुई थी। पिछले दो वर्षों के जी20 और जी7 सम्मेलनों के बाद दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच आपसी विश्वास और रणनीतिक तालमेल में यह एक बड़ा और दूरगामी बदलाव माना जा रहा है।

दोनों देशों के बीच राजनीतिक संपर्क को नई गति देने के उद्देश्य से नियमित शिखर सम्मेलनों और मंत्रिस्तरीय वार्ताओं का सिलसिला तेज किया जाएगा। कूटनीतिक स्तर पर इस सहयोग को अधिक प्रभावी बनाने के लिए दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की अगुवाई में एक विशेष तंत्र काम करेगा। यह तंत्र मुख्य रूप से वर्ष 2025 से 2029 की अवधि के लिए तय की गई संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना के सुचारू कार्यान्वयन की निगरानी करेगा, ताकि सभी विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा किया जा सके।

वाणिज्यिक संबंधों को सुदृढ़ करने के लक्ष्य के साथ दोनों पक्षों ने वर्ष 2029 तक द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब यूरो तक पहुंचाने की अपनी प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। दोनों देशों के बीच निवेश बढ़ाने के लिए स्वच्छ ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, डिजिटल टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, दोनों प्रधानमंत्रियों ने खनन अवशेषों और ई-कचरे से बहुमूल्य खनिजों को पुनः प्राप्त करने की तकनीक विकसित करने तथा कृषि क्षेत्र के विकास के लिए आपसी सहयोग को और अधिक विस्तार देने पर जोर दिया।

कनेक्टिविटी के मोर्चे पर, भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) को वैश्विक व्यापारिक परिदृश्य को बदलने वाली एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल के रूप में स्वीकार किया गया। दोनों देशों के नेताओं ने वर्ष 2026 में प्रस्तावित प्रथम IMEC मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान व्यावहारिक और ठोस निर्णय लेने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके साथ ही, नौवहन और बंदरगाहों के क्षेत्र में सहयोग को संस्थागत रूप देने के लिए एक नए संयुक्त कार्य समूह के गठन की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया गया।

विज्ञान, अनुसंधान और स्टार्टअप्स के विकास को गति देने के लिए दोनों देशों ने सामूहिक रूप से “INNOVIT India” नवाचार केंद्र की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया है। यह केंद्र मुख्य रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, ग्रीन हाइड्रोजन और ब्लू इकोनॉमी जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान को बढ़ावा देगा। दोनों नेताओं ने रेखांकित किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का विकास पूरी तरह सुरक्षित, विश्वसनीय और मानवता के कल्याण के लिए होना चाहिए। अंतरिक्ष विज्ञान में भी दोनों देशों की शीर्ष एजेंसियां मिलकर काम करेंगी।

सुरक्षा और रणनीतिक मोर्चे पर, दोनों देशों के सैन्य और तकनीकी सहयोग को नया विस्तार मिलेगा। इसके तहत रक्षा क्षेत्र में सह-उत्पादन और सह-विकास की नीति अपनाते हुए हेलीकॉप्टर, नौसैनिक प्लेटफॉर्म और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियों पर मिलकर काम करने का फैसला किया गया है। इसके साथ ही समुद्री सुरक्षा संवाद और संयुक्त अभ्यासों को भी गति दी जाएगी। आतंकवाद के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए दोनों नेताओं ने सीमा पार के उग्रवाद की आलोचना की और अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के संदर्भ में आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने के लिए वैश्विक मंचों पर एकजुटता जताने की बात कही।

सांस्कृतिक और जन-साधारण के स्तर पर संबंधों को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2027 को दोनों देशों में “संस्कृति और पर्यटन वर्ष” के रूप में बड़े पैमाने पर मनाया जाएगा। इसके साथ ही भारतीय कुशल कामगारों, छात्रों और विशेष रूप से भारतीय नर्सों की इटली में आवाजाही को सरल बनाने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की गई। वैश्विक मंच पर संयुक्त राष्ट्र में सुधारों और नियम-आधारित व्यवस्था का समर्थन करते हुए दोनों देशों ने अफ्रीका में त्रिपक्षीय विकास कार्यों को बढ़ाने तथा पश्चिम एशिया व यूक्रेन में चल रहे संघर्षों का समाधान युद्ध के बजाय कूटनीति से निकालने की आवश्यकता जताई।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button