देश के 16 शहरों में पारा 46 डिग्री के पार; बांदा और खजुराहो वैश्विक स्तर पर सबसे गर्म क्षेत्रों में शामिल

उत्तर और मध्य भारत इस समय भीषण गर्मी की लहर की चपेट में है। 20 मई को देश के आठ राज्यों के कम से कम 16 शहरों में अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस से अधिक रिकॉर्ड किया गया। इस मौसमी बदलाव के बीच उत्तर प्रदेश का बांदा जिला 48 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ देश का सबसे गर्म क्षेत्र रहा, वहीं वैश्विक सूची में इसे तीसरा स्थान मिला। दुनिया के सबसे गर्म पांच शहरों में भारत के दो शहरों, बांदा और खजुराहो ने स्थान बनाया है। इस तीव्र गर्मी का मुख्य कारण पड़ोसी देश पाकिस्तान के बलूचिस्तान और थार मरुस्थल से आने वाली गर्म एवं शुष्क पश्चिमी हवाएं हैं, जिन्होंने उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में तपन को अत्यधिक बढ़ा दिया है।

चिकित्सकीय शोध और मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार की अत्यधिक गर्मी केवल शारीरिक स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करती, बल्कि यह मानवीय व्यवहार को भी बदल देती है। जब तापमान सामान्य से बहुत अधिक हो जाता है, तब मानव मस्तिष्क में न्यूरोकेमिकल संतुलन प्रभावित होता है, जिससे कार्यस्थल पर ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई होती है, रातों की नींद बाधित होती है और सामान्य स्वभाव में अत्यधिक गुस्सा व चिड़चिड़ापन देखने को मिलता है। बांदा कृषि विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ डॉ. दिनेश के अनुसार, बांदा के इस तरह तपने का भौगोलिक कारण इसका कर्क रेखा के अत्यंत समीप होना है। इसके अलावा साफ आसमान, पठारी क्षेत्र होने के कारण मिट्टी में शुष्कता, जंगलों का ह्रास और नदियों का जलस्तर घटना भी इसके मुख्य कारण हैं।

मौसम के इस मिजाज के बीच मानसूनी हवाओं की प्रगति भी ठहर गई है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, मानसून पिछले तीन दिनों से अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और कोलंबो के आसपास ही स्थिर बना हुआ है। हालांकि, मौसम विभाग ने यह राहत भरा अनुमान लगाया है कि पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में आने वाले दिनों में मूसलाधार बारिश हो सकती है, और दक्षिण भारत के तमिलनाडु, केरल व कर्नाटक में 24 मई तक वर्षा का दौर जारी रह सकता है। इसके विपरीत, देश के मध्य और उत्तर-पश्चिमी मैदानी भागों में आगामी दिनों में भी लू का प्रकोप यथावत रहने की आशंका है।

आगामी 22 और 23 मई के मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और पंजाब सहित एक दर्जन राज्यों में तीव्र लू का अलर्ट जारी किया गया है। राज्यवार समीक्षा करें तो उत्तर प्रदेश के 23 जिलों और मध्य प्रदेश के 7 जिलों में मौसम विभाग ने रेड अलर्ट घोषित किया है। राजस्थान के श्रीगंगानगर में पारा 46 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में भी स्थिति चिंताजनक है; जम्मू-कश्मीर के सांबा में तापमान 45.7 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा है, जो सामान्य से सात डिग्री अधिक है। हिमाचल प्रदेश के मैदानी इलाकों के साथ-साथ शिमला के तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, और ऊना में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है। उत्तराखंड प्रशासन ने देहरादून और हरिद्वार सहित छह जिलों में लू की चेतावनी के बाद दैनिक रिपोर्ट मांगी है। पूर्वी भारत में ओडिशा का झारसुगुड़ा 46 डिग्री सेल्सियस के साथ तप रहा है, जबकि बिहार के कैमूर में 43.4 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच कुछ जिलों में वर्षा की दोहरी मौसमी प्रणाली सक्रिय है। गुजरात के अहमदाबाद में तापमान लगातार 43.7 डिग्री सेल्सियस पर बना हुआ है, जबकि सूरत में पारे में आई गिरावट ने लोगों को आंशिक राहत प्रदान की है।

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