उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों की स्थिति सुधारेगी केंद्र सरकार, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बुलाई समीक्षा बैठक

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने नई दिल्ली में एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश के 11,672 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क की वर्तमान स्थिति, गुणवत्ता और रखरखाव कार्यों का व्यापक मूल्यांकन किया। इस बैठक में मीडिया रिपोर्टों और सोशल मीडिया से मिली आम जनता की प्रतिक्रियाओं को आधार बनाकर जारी विकास परियोजनाओं की जमीनी हकीकत और प्रगति की जांच की गई।
इस महत्वपूर्ण आधिकारिक बैठक में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टमटा और हर्ष मल्होत्रा विशेष रूप से उपस्थित थे। उनके साथ ही मंत्रालय के वरिष्ठ नीति निर्माता, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के शीर्ष अधिकारी और निर्माण कार्यों से जुड़े ठेकेदार (संवेदक) भी मौजूद रहे, जिन्होंने परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति साझा की।
समीक्षा के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने साफ किया कि मजबूत और टिकाऊ बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए यह बेहद जरूरी है कि सभी परियोजनाएं तय समय सीमा के भीतर पूरी की जाएं और निर्माण की गुणवत्ता में किसी भी तरह का समझौता न हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उच्च स्तर के मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।
परियोजनाओं के महत्व को रेखांकित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एक उत्कृष्ट सड़क तंत्र न केवल देश के भीतर संपर्क (कनेक्टिविटी) को मजबूत करता है, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार देने और आम यात्रियों के सफर को आरामदायक बनाने में भी प्राथमिक भूमिका निभाता है। इसके लिए उन्होंने निर्माण कार्यों में आधुनिक और उन्नत तकनीकों को शामिल करने पर विशेष बल दिया।
आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए बैठक में विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए। नितिन गडकरी ने विभागीय अधिकारियों को हिदायत दी कि मानसून की चुनौतियों से निपटने के लिए समय रहते पुख्ता तैयारियां की जाएं। उन्होंने सड़कों पर सुरक्षा और उनके टिकाऊपन को बनाए रखने के लिए एक त्वरित और प्रभावी रिस्पांस सिस्टम तैयार करने तथा एहतियाती कदमों को तेजी से लागू करने को कहा।
संपादकीय प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए उन्होंने अंत में कहा कि पूरे हाईवे नेटवर्क पर सुरक्षा के मापदंडों को हर हाल में मजबूत किया जाए। विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता यह होनी चाहिए कि देश के नागरिकों को एक सुरक्षित, बाधारहित और सुगम यात्रा का अनुभव प्राप्त हो सके।



