भारत की चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर कोलकाता पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, आज दिल्ली में पीएम मोदी से होगी वार्ता

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो शनिवार को अपने चार दिवसीय दौरे के तहत भारत पहुंच गए हैं, जहां सुबह कोलकाता विमानतल पर उनका विमान उतरा। हवाई अड्डे पर भारत में अमेरिका के शीर्ष राजनयिक और राजदूत सर्जियो गोर ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। विदेश मंत्री के रूप में यह रुबियो की पहली भारत यात्रा है, जिसके दौरान वे विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। कोलकाता के संक्षिप्त प्रवास के बाद वे आज ही नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा करेंगे।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर इस यात्रा की पुष्टि करते हुए लिखा कि मार्को रुबियो कोलकाता आ चुके हैं और यह उनका पहला भारतीय दौरा है। उन्होंने बताया कि आज उत्तरार्ध में वे नई दिल्ली में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध, तकनीकी आदान-प्रदान, रक्षा सहयोग और क्वाड जैसे अहम मुद्दों पर गहन मंथन होगा, जिससे दोनों देशों के रिश्ते नई ऊंचाइयों पर पहुंचेंगे।
राजदूत गोर ने अपनी एक और सोशल मीडिया पोस्ट में अमेरिकी विदेश मंत्री का अभिनंदन करते हुए कहा कि उनके पास इस दौरे के लिए एक बड़ा और महत्वाकांक्षी एजेंडा तैयार है। इस एजेंडे में क्वाड समूह के विदेश मंत्रियों की बैठक भी शामिल है, जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस विजन को आगे बढ़ाने का काम करेगी, जिसमें वे भारत-अमेरिका के रणनीतिक संबंधों को और मजबूत देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिकी पक्ष इस यात्रा के दौरान बेहतरीन संवाद और धरातल पर वास्तविक प्रगति दर्ज करने के लिए पूरी तरह उत्सुक है।
सर्जियो गोर ने इस बात पर विशेष बल दिया कि डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के इस सबसे महत्वपूर्ण दौरों में से एक के जरिए विदेश मंत्री मार्को रुबियो एक बेहद साफ संदेश देने आए हैं। संदेश यह है कि मौजूदा 21वीं सदी में अमेरिका की तरक्की और सफलता के लिए भारत के साथ संबंध बेहद जरूरी और अपरिहार्य हैं। रणनीतिक गठबंधनों की असली पहचान इस बात से होती है कि दोनों देश अपने आपसी मतभेदों का निवारण किस प्रकार करते हैं और समान हितों वाले क्षेत्रों का विस्तार कैसे करते हैं। व्यापार, तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), सप्लाई चेन, रक्षा और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में वाशिंगटन और नई दिल्ली यदि अलग-अलग रहने के बजाय मिलकर काम करते हैं, तो दोनों को बहुत बड़ा रणनीतिक लाभ होगा।
भारत के विदेश मंत्रालय द्वारा साझा की गई आधिकारिक समय-सारणी के मुताबिक, मार्को रुबियो का यह दौरा चार दिनों तक चलेगा। तय कार्यक्रम के अनुसार, शनिवार दोपहर 1:15 बजे वे दिल्ली पहुंचेंगे, जिसके बाद दोपहर 2:00 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी बैठक होगी। इसके अगले दिन, रविवार 24 मई को सुबह 11:30 बजे दिल्ली के हैदराबाद हाउस में वे भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता की मेज पर बैठेंगे। इसी शाम 6:20 बजे वे अमेरिकी दूतावास में आयोजित स्वतंत्रता दिवस के आधिकारिक कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
सोमवार 25 मई को सुबह 9 बजे अमेरिकी विदेश मंत्री आगरा में एक कार्यक्रम में शिरकत करेंगे, जिसके बाद दोपहर 1 बजे वे जयपुर में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना होंगे। अपनी यात्रा के चौथे और अंतिम दिन, यानी मंगलवार 26 मई को सुबह 6 बजकर 50 मिनट पर वे वापस दिल्ली पहुंचेंगे। यहाँ सुबह 8:30 बजे वे सामूहिक ‘फैमिली फोटो’ कार्यक्रम में भाग लेंगे। इसके बाद, सुबह 9:00 बजे हैदराबाद हाउस में आयोजित क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में उनकी भागीदारी होगी। सुबह 9:50 बजे इस बैठक के संबंध में प्रेस को आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा, जिसके बाद सुबह 11:00 बजे अमेरिकी विदेश मंत्री अपने स्वदेश के लिए उड़ान भरेंगे।



