नई दिल्ली में भारत और अमेरिका के विदेश मंत्रियों की बैठक, जटिल दौर में सहयोग बढ़ाने और व्हाइट हाउस के निमंत्रण पर चर्चा

रविवार को भारत की राजधानी नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के बीच द्विपक्षीय वार्ता संपन्न हुई। दोनों नेताओं के बीच यह बैठक वैश्विक स्तर पर रणनीतिक साझेदारी को नया आयाम देने के उद्देश्य से आयोजित की गई, जिसमें जयशंकर ने दोनों महाशक्तियों के बीच खुले और उत्पादक संवाद के प्रति गहरा विश्वास प्रकट किया।
सत्र को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने दोनों राष्ट्रों के संबंधों की गहराई को समझाया। उन्होंने कहा कि हमारी वैश्विक रणनीतिक साझेदारी का सीधा और सरल अर्थ यह है कि दोनों देश एक बेहद मजबूत और व्यापक धरातल पर एक-दूसरे का सहयोग कर रहे हैं। यह एक ऐसा अटूट रिश्ता है जिसका प्रभाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साफ देखा जा सकता है।
अपने वक्तव्य को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया के तमाम हिस्सों और समसामयिक मुद्दों पर भारत और अमेरिका के दृष्टिकोण और हित एक समान हैं। वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को पेचीदा बताते हुए उन्होंने भरोसा जताया कि मजबूत साझेदार होने के नाते दोनों पक्ष बेहद खुलकर और रचनात्मक रूप से अपनी बात रखेंगे। उन्होंने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत भी किया।
इस परिचयात्मक बातचीत के तुरंत बाद हैदराबाद हाउस में दोनों देशों के बीच डेलिगेशन (प्रतिनिधिमंडल) स्तर की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक के मुख्य एजेंडे में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को गति देना, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना और तकनीकी हस्तांतरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सहयोग का दायरा बढ़ाना शामिल है।
इस बैठक की पृष्ठभूमि शनिवार को ही तैयार हो गई थी, जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की थी। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को शीघ्र ही व्हाइट हाउस आने का बुलावा दिया। पीएमओ के बयान के अनुसार, रूबियो ने प्रधानमंत्री को रक्षा, रणनीतिक तकनीक, कनेक्टिविटी, निवेश, शिक्षा और व्यापार के क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच हो रहे निरंतर विकास के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस उच्चस्तरीय बैठक पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी और सचिव रूबियो की यह मुलाकात बेहद सफल रही। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा, व्यापार और क्रिटिकल टेक्नोलॉजी में भारत-अमेरिका का बढ़ता तालमेल न केवल दोनों देशों को सशक्त बना रहा है, बल्कि मुक्त और खुले इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के निर्माण में भी मददगार साबित हो रहा है। उन्होंने एक बार फिर इस बात पर बल दिया कि भारत, अमेरिका का एक बेहद खास और मजबूत सहयोगी है।



