शेयर बाज़ार अपडेट :

विदेशी फंडों की निरंतर लिवाली से घरेलू शेयर बाजार मजबूत, निफ्टी 24 हजार के करीब, आईटी-मेटल पिछड़े

भारतीय इक्विटी मार्केट ने गुरुवार के शुरुआती सत्र में अंतरराष्ट्रीय बाजारों के मिले-जुले रुख को दरकिनार करते हुए बढ़त की राह चुनी। सुबह 9:20 बजे तक सेंसेक्स 336 अंकों की तेजी लेकर 76,822 के स्तर पर पहुंच गया, जो 0.42 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है। इसी तर्ज पर निफ्टी भी 0.47 प्रतिशत या 112 अंकों की मजबूती के साथ 23,994.35 के स्तर पर आ गया। आज के कारोबार की मुख्य विशेषता यह रही कि दिग्गज शेयरों के अलावा मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में भी निवेशकों ने चौतरफा खरीदारी की।

शुरुआती कारोबार के दौरान छोटे और मझोले शेयरों के सूचकांकों में बड़ा उछाल आया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.90 फीसदी (550 अंक) की बढ़त के साथ 61,876 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.96 फीसदी (181 अंक) मजबूत होकर 18,964 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में से इटरनल, सन फार्मा, टाइटन, भारती एयरटेल, एशियन पेंट्स, ट्रेंट, एलएंडटी, एचडीएफसी बैंक, पावर ग्रिड, बीईएल, एमएंडएम, एक्सिस बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, अदाणी पोर्ट्स, कोटक बैंक, एसबीआई, आईटीसी और एचयूएल के शेयरों में तेजी का रुख रहा। हालांकि, आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनियों इन्फोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा सहित बजाज फाइनेंस और एनटीपीसी के शेयर कमजोरी के साथ कारोबार करते दिखे।

उद्योग-आधारित सूचकांकों में आज कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी इंडेक्स सबसे आगे रहे और दोनों ने टॉप गेनर्स के रूप में अपनी स्थिति मजबूत की। इसके साथ ही निफ्टी फार्मा, हेल्थकेयर, मीडिया, इन्फ्रा, प्राइवेट बैंक और एफएमसीजी से जुड़े शेयरों में भी खरीदारी का रुख दिखाई दिया। दूसरी ओर, बाजार की इस चौतरफा तेजी के बीच केवल निफ्टी आईटी और निफ्टी मेटल इंडेक्स ही ऐसे रहे जो गिरावट की वजह से लाल निशान के दायरे में सिमटे रहे।

बाजार के विशेषज्ञों का कहना है कि निचले स्तरों पर आकर्षक वैल्यूएशन मिलने के कारण घरेलू निवेशकों ने चुनिंदा शेयरों में अच्छी लिवाली की है। बाजार को सबसे बड़ा सहारा विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों से मिल रहा है, जो पिछले छह कारोबारी सत्रों से लगातार भारतीय बाजार में पूंजी डाल रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने शुद्ध रूप से 1,963 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने भी इसी दिन बाजार को सपोर्ट देते हुए 790.16 करोड़ रुपए का निवेश किया।

यदि वैश्विक परिदृश्य पर नजर डालें तो अन्य एशियाई देशों के शेयर बाजारों में आज एक समान रुख नहीं है। टोक्यो, बैंकॉक और जकार्ता के सूचकांकों में तेजी का माहौल है, जबकि दूसरी तरफ शंघाई, हांगकांग और सोल के बाजारों में मंदी हावी रही। अमेरिकी बाजारों में भी बुधवार के सत्र के दौरान मिलाजुला परिणाम रहा था, जहां डाओ जोन्स इंडेक्स 1.09 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ, वहीं टेक्नोलॉजी सेक्टर के इंडेक्स नैस्डैक ने 0.20 प्रतिशत की बढ़त हासिल की।

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