अमेरिकी-ईरान शांति समझौते की उम्मीदों से शेयर बाजार में बहार: सेंसेक्स 76,489 और निफ्टी 24,032 के पार

घरेलू शेयर बाजार के निवेशकों के लिए आज, 25 मई का दिन अत्यधिक मुनाफे वाला रहा, जब दोनों प्रमुख सूचकांकों ने एक फीसदी से अधिक की छलांग लगाई। मुंबई शेयर बाजार (BSE) का सूचकांक सेंसेक्स आज 1074 अंकों की भारी बढ़त हासिल कर 76,489 के स्तर पर बंद हुआ, जो कि प्रतिशत के लिहाज से 1.42% की वृद्धि है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के सूचकांक निफ्टी ने भी इसी गति को बनाए रखा और 312 अंक (1.32%) की बढ़त के साथ 24,032 के स्तर पर बंद हुआ। आज दिन भर चले कारोबार में मुख्य रूप से बैंकिंग, ऑटोमोबाइल और रियल एस्टेट सेक्टर के शेयरों में निवेशकों की भारी खरीदारी देखने को मिली, जबकि इसके विपरीत एफएमसीजी (FMCG) सेक्टर के शेयरों में बिकवाली का सबसे अधिक असर रहा।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, आज की इस बड़ी तेजी के पीछे वाशिंगटन और तेहरान के बीच होने जा रहा संभावित शांति समझौता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा दिए गए एक हालिया बयान में यह दावा किया गया है कि दोनों देशों के बीच युद्ध को विराम देने की सहमति ‘लगभग तय’ हो चुकी है। राष्ट्रपति के मुताबिक, वर्तमान में समझौते से जुड़े अंतिम विवरणों को सावधानीपूर्वक तय किया जा रहा है। पश्चिम एशिया (खाड़ी देशों) के विभिन्न नेताओं और इजरायली प्रधानमंत्री के साथ व्यापक बातचीत के दौर के बाद इस समझौते को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जिससे वैश्विक बाजारों की चिंताएं कम हुई हैं।
राष्ट्रपति ट्रम्प ने समझौते के रणनीतिक पहलुओं की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि इस ऐतिहासिक सहमति के बाद ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ को पुनः यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। गौरतलब है कि वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से यह समुद्री मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि संपूर्ण विश्व की कुल तेल आपूर्ति का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा इसी संकीर्ण जलमार्ग से होकर अपने गंतव्यों तक पहुंचता है। इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने की पूरी उम्मीद है, जिसने भारतीय बाजार के सेंटिमेंट को मजबूत किया है और आगे भी इसमें तेजी बने रहने के संकेत दिए हैं।
अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर, इस सकारात्मक कूटनीतिक प्रगति के कारण आज एशियाई शेयर बाजारों में भी व्यापक तेजी का माहौल बना रहा। दक्षिण कोरिया का मुख्य इंडेक्स कोस्पी 32 अंक यानी 0.41 प्रतिशत की बढ़त के साथ 7,848 के स्तर पर बंद हुआ। जापान के प्रमुख सूचकांक निक्केई में 1,819 अंकों की असाधारण तेजी दर्ज की गई और यह 2.87 प्रतिशत की छलांग लगाकर 65,158 के स्तर पर जा पहुंचा। इसके अतिरिक्त, हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग सूचकांक भी मजबूती दिखाते हुए 220 अंक (0.86%) ऊपर 25,606 के स्तर पर बंद हुआ।
वैश्विक बाजारों की इस मजबूती की नींव पिछले कारोबारी सत्र में ही पड़ गई थी, जब 22 मई को अमेरिकी शेयर बाजारों में तेजी का रुख देखा गया था। उस दौरान डाउ जोन्स औद्योगिक सूचकांक 294 अंक (0.58%) की बढ़त के साथ 50,580 के स्तर पर बंद होने में कामयाब रहा था। इसी तरह, प्रौद्योगिकी क्षेत्र के शेयरों पर आधारित नैस्डैक इंडेक्स 51 अंक या 0.19 प्रतिशत की साधारण मजबूती के साथ 26,344 पर बंद हुआ, जबकि व्यापक बाजार का प्रतिनिधित्व करने वाला एसएंडपी 500 सूचकांक 28 अंक (0.37%) की बढ़त लेकर 7,473 के स्तर पर बंद हुआ था।



