मौसम अपडेट :

उत्तर-पश्चिम भारत सहित 23 राज्यों में वर्षा से पारा लुढ़का, केरल तट की ओर बढ़ रहा मानसून
जून महीने के पहले ही दिन देश के 23 राज्यों के निवासियों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, मध्य प्रदेश, हरियाणा और बिहार के कई अंचलों में गरज-चमक के साथ हुई बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि के कारण पारे में भारी गिरावट आई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, देश के बड़े हिस्से में इस बदलाव के कारण तापमान सामान्य के मुकाबले काफी नीचे आ गया है, जिससे झुलसाने वाली गर्मी का प्रभाव कम हुआ है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के नवीनतम बुलेटिन के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है और अगले 48 से 72 घंटों में केरल पहुंच सकता है। हालांकि, पूर्व में इसके 26 मई को ही केरल तट पर पहुंचने का अनुमान व्यक्त किया गया था। सामान्यतः मानसून के आगमन की तिथि 1 जून होती है, जिसके बाद यह अगले 45 दिनों में पूरे भारतीय उपमहाद्वीप को अपनी जद में ले लेता है। राजधानी दिल्ली में सोमवार, 1 जून को पिछले तीन सालों का सबसे कम तापमान दर्ज किया गया, जहाँ सफदरजंग वेधशाला में अधिकतम तापमान सामान्य से 3.7°C गिरकर 36.3°C पर सिमट गया।
आगरा में बुनियादी ढांचे को नुकसान, राज्यों में चेतावनी उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में मंगलवार तड़के हुई एक घंटे की मूसलाधार बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया। तेज आंधी और वर्षा के कारण शहर की सड़कें जलमग्न हो गईं और कई स्थानों पर मार्ग धंस गए। फुटपाथ धंसने की एक बड़ी घटना में 25 फीट गहरा गड्ढा हो गया, जिसमें एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई और आसपास खड़ी कारें व ट्रक भी इसकी चपेट में आ गए। हादसे में एक रिहायशी मकान का अगला हिस्सा भी जमींदोज हो गया। मौसम केंद्र ने यूपी के 9 जिलों के लिए चेतावनी जारी की है। मध्य प्रदेश की बात करें तो वहाँ पिछले 8 दिनों से लगातार जारी मौसमी हलचल के कारण हीटवेव पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। राज्य के न्यूनतम तापमान में 5°C से अधिक की कमी आई है। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 45 जिलों में वर्षा का अलर्ट जारी करते हुए धार और बड़वानी में ओलावृष्टि की आशंका व्यक्त की है।
पश्चिमी विक्षोभ और पर्वतीय राज्यों का हाल हरियाणा में मौसम विभाग ने दो नए पश्चिमी विक्षोभों के सक्रिय होने के कारण आगामी 6 जून तक आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई है। हाल ही में राजस्थान के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण और 28 मई के विक्षोभ के चलते हरियाणा में अधिकतम तापमान 46°C से लुढ़क कर 37°C से 38°C के स्तर पर आ गया है। राजस्थान के 19 जिलों में भी आज आंधी-बारिश का यलो अलर्ट प्रभावी है। मरुप्रदेश में सोमवार को सबसे अधिक तापमान फलोदी में 43.8°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5°C कम है। उत्तराखंड के सभी जिलों में 7 जून तक ऐसा ही मौसम रहने की उम्मीद है, जहाँ ऊंचे पर्वतीय शिखरों (4000 मीटर से अधिक) पर हिमपात होने की संभावना है। बीते चौबीस घंटों में नैनीताल में 30.5mm और भीमताल में 26mm जैसी उल्लेखनीय बारिश दर्ज की गई है।
बिहार में लू की आशंका और देशव्यापी मौसम विवरण एक ओर जहाँ अधिकांश राज्य ठंडे मौसम का आनंद ले रहे हैं, वहीं बिहार में गर्मी का प्रकोप बढ़ने के आसार हैं। मौसम विभाग के मुताबिक कैमूर, गया, औरंगाबाद, रोहतास, बक्सर और नवादा में पारा 45°C तक जा सकता है। बीते दिन कैमूर जिला 40.1°C के साथ सबसे गर्म रहा, जबकि सासाराम और सीवान में छिटपुट वर्षा हुई। आगामी 3 और 4 जून को देशव्यापी स्तर पर मौसम में उथल-पुथल बनी रहेगी। 3 जून को उत्तर-पश्चिम भारत में 50 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से धूलभरी हवाएं चलने और पूर्वोत्तर व दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में भारी वर्षा का पूर्वानुमान है। वहीं, 4 जून को केरल, कर्नाटक और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है, जबकि गुजरात, पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश सहित 14 राज्यों में तेज आंधी चलने की चेतावनी जारी की गई है।



