शेयर बाज़ार अपडेट :

भारतीय इक्विटी मार्केट में आज 2 जून को लगातार दूसरे सत्र में कमजोरी का रुख दिखाई दे रहा है, जिससे प्रमुख सूचकांक नीचे खिसक गए हैं। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 200 अंकों के नुकसान के साथ 74,100 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी भी 100 अंकों की गिरावट के साथ 23,300 के स्तर के आसपास सक्रिय है। सेक्टोरल प्रदर्शन को देखें तो आज बैंकिंग, फार्मास्युटिकल और हेल्थकेयर सेगमेंट के शेयरों पर बिकवाली का सबसे ज्यादा असर पड़ा है। हालांकि, मंदी के इस माहौल के बीच सूचना प्रौद्योगिकी (IT) क्षेत्र के शेयरों में निवेशकों की तरफ से खरीदारी का रुझान बना हुआ है।
वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण बदलाव के तहत भारतीय शेयर बाजार अब दुनिया के शीर्ष बाजारों की सूची में एक पायदान नीचे खिसक गया है। दक्षिण कोरियाई शेयर बाजार ने भारत को मात देकर वैश्विक स्तर पर छठा स्थान हासिल कर लिया है। दक्षिण कोरियाई बाजार की इस अप्रत्याशित बढ़त के पीछे वहां की सेमीकंडक्टर और चिप बनाने वाली प्रमुख कंपनियों का शानदार प्रदर्शन है। दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीकों के तेजी से बढ़ते प्रसार के कारण इन कंपनियों के मूल्यांकन में भारी वृद्धि हुई है।
एशिया के अन्य प्रमुख बाजारों में आज कामकाज का मिला-जुला पैटर्न नजर आ रहा है। जहां दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 1.45% (154 अंक) की कमजोरी के साथ 8634 पर है, वहीं जापान का निक्केई इंडेक्स 1.64% (1101 अंक) गिरकर 65,833 पर आ गया है। इसके विपरीत हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 0.97% (242 अंक) की तेजी के साथ 25,641 पर कारोबार कर रहा है। इससे पूर्व, अमेरिकी बाजारों में कल बढ़त देखी गई थी, जिसमें डाउ जोन्स 0.09% की मामूली तेजी के साथ 51,079, नैस्डैक 0.42% की बढ़त के साथ 27,087 और S&P 500 इंडेक्स 0.26% की मजबूती के साथ 76,000 पर बंद होने में सफल रहा था।
बाजार के सेंटिमेंट पर विदेशी फंडों की लगातार निकासी का भी गहरा असर पड़ रहा है। उपलब्ध वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII/FPI) ने पिछले एक महीने (30 दिन) के दौरान भारतीय बाजार से कुल 59,875 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की है। पिछले एक सप्ताह में ही इन्होंने 26,060 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने इस अवधि में बाजार को लिक्विडिटी सहायता प्रदान की है। डीआईआई ने पिछले 30 दिनों में 87,778 करोड़ रुपये और बीते 7 दिनों में 25,694 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी दर्ज की है।
इससे पहले, हफ्ते के पहले कारोबारी दिन यानी 1 जून को भी भारतीय शेयर बाजार गिरावट के दबाव से उबर नहीं पाया था। सोमवार को बाजार बंद होने के समय सेंसेक्स में 508 अंकों की बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी और यह 74,267 के स्तर पर बंद हुआ था। उसी तरह, निफ्टी भी निवेशकों की मुनाफावसूली के कारण 165 अंक नीचे आकर 23,382 के स्तर पर बंद हुआ था, जो आज भी जारी गिरावट का आधार बना।



