हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर: महाराष्ट्र में एक और पर्वतीय सुरंग का काम पूरा, परियोजना ने पकड़ी रफ्तार

भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना के निर्माण में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल करते हुए तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण माने जाने वाले महाराष्ट्र खंड में तीसरी पर्वतीय सुरंग का ढांचा तैयार कर लिया गया है। पालघर जिले में बीते पांच महीनों की अल्पावधि में यह तीसरी ऐसी कामयाबी है, जिसके बाद मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों में उल्लेखनीय तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

इस नवनिर्मित सुरंग को ‘एमटी-07’ कोड नाम दिया गया है, जिसकी चौड़ाई 14.4 मीटर और लंबाई 417 मीटर है। दोनों दिशाओं की पटरियों को समाहित करने वाली इस सुरंग की खुदाई के लिए इंजीनियर्स ने दोनों सिरों से नियंत्रित ड्रिलिंग तथा ब्लास्टिंग पद्धति का उपयोग किया। पूरे निर्माण चक्र के दौरान उच्च सुरक्षा मानकों और आधुनिक इंजीनियरिंग संहिताओं का पूरी संजीदगी से पालन सुनिश्चित किया गया।

परियोजना स्थल पर संरचनात्मक मजबूती और कार्यबल की सुरक्षा के दृष्टिकोण से उच्च स्तरीय तकनीकी प्रणालियों का अनुप्रयोग किया गया। भू-तकनीकी मापदंडों और कंपन के स्तर को मापने के लिए निरंतर सिस्मोग्राफ, स्ट्रेन गेज, 3डी टारगेट तथा सरफेस सेटलमेंट पॉइंट्स (एसएसपी) के जरिए वास्तविक समय (रियल-टाइम) में निगरानी रखी गई। इसके अलावा, कार्यस्थल पर वेंटिलेशन प्रणाली, आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम और सख्त जियोटेक्निकल निरीक्षण की व्यवस्था की गई थी।

समयसीमा के लिहाज से देखें तो पालघर जिले के सफाले क्षेत्र के पास 2 जनवरी 2026 को 1.5 किलोमीटर लंबी सुरंग (एमटी-05) का काम पूरा हुआ था। इसके ठीक बाद, 3 फरवरी 2026 को 454 मीटर लंबी सुरंग (एमटी-06) को न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (एनएटीएम) के माध्यम से सफलतापूर्वक खोदा गया। अब एमटी-07 के पूरा होने से पांच महीनों के भीतर तीन महत्वपूर्ण पर्वतीय सुरंगों को आकार दिया जा चुका है।

राज्य में कुल प्रस्तावित सात पर्वतीय सुरंगों में से चार का सिविल कार्य अब अंतिम चरणों या पूर्णता की ओर है। एमटी-08 सुरंग (350 मीटर) की खुदाई का काम अक्टूबर 2023 में ही संपन्न हो गया था। इसके अलावा एमटी-03 में 80% से अधिक और एमटी-04 में लगभग 60% भौतिक प्रगति दर्ज की जा चुकी है, जबकि प्रारंभिक सुरंगों एमटी-01 और एमटी-02 पर काम अभी जारी है।

यह बुलेट ट्रेन मार्ग महाराष्ट्र के बोइसर और पड़ोसी राज्य गुजरात के वापी के बीच फैले औद्योगिक क्षेत्र को आपस में जोड़ेगा। वापी और बोइसर स्टेशनों के मध्य स्थित तीनों सुरंगों (एमटी-06, एमटी-07 और एमटी-08) की खुदाई का काम पूरा होने से इस आर्थिक गलियारे में परिवहन बुनियादी ढांचे को बड़ी मजबूती मिलेगी, जो देश में अत्याधुनिक और सुरक्षित हाई-स्पीड रेल नेटवर्क की नींव रख रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button