री-नीट यूजी 2026: पुराने प्रवेश पत्र अमान्य घोषित, टेलीग्राम प्रतिबंध मामले पर दिल्ली हाईकोर्ट आज सुनाएगा फैसला

आगामी 21 जून को आयोजित होने वाली नीट-यूजी पुनरीक्षा को लेकर राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने प्रशासनिक गाइडलाइन जारी की है, जिसके तहत 3 मई वाले पुराने एडमिट कार्ड को पूरी तरह खारिज कर दिया गया है। एनटीए के इस फैसले के बाद अब अभ्यर्थियों को परीक्षा में बैठने के लिए केवल 21 जून की तारीख वाले नए प्रवेश पत्र का ही इस्तेमाल करना होगा।

सोशल मीडिया के माध्यम से स्थिति स्पष्ट करते हुए परीक्षा नियामक एजेंसी ने कहा कि जिन परीक्षार्थियों ने हाल ही में जारी हुआ नया एडमिट कार्ड पहले ही प्राप्त कर लिया है, उन्हें किसी असमंजस में पड़ने या दोबारा डाउनलोड करने की जरूरत नहीं है। वर्तमान में एनटीए की ओर से जो रिमाइंडर मैसेज, ईमेल या व्हाट्सएप अलर्ट भेजे जा रहे हैं, वे केवल उन अभ्यार्थियों को सचेत करने के लिए हैं जिन्होंने अब तक नया कार्ड प्रिंट नहीं किया है।

नियामक संस्था ने अपने आधिकारिक वक्तव्य में कहा कि परीक्षा केंद्रों में बड़े पैमाने पर बदलाव किए जाने के कारण 3 मई वाले दस्तावेजों की मान्यता समाप्त की गई है। कई उम्मीदवारों को उनके चुने हुए पसंदीदा शहरों में नए केंद्र दिए गए हैं, इसलिए पारदर्शी संचालन के लिए नया एडमिट कार्ड डाउनलोड कर उसका प्रिंट लेना ही अनिवार्य और पर्याप्त है।

इस राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा के आयोजन को लेकर केंद्र सरकार और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। आगामी 21 जून की परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने और सुचिता बनाए रखने के लिए परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं।

इसी बीच, परीक्षा की गोपनीयता से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में टेलीग्राम ऐप पर लगे अस्थाई बैन को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई है। इस संवेदनशील विषय पर जस्टिस तेजस कारिया की एकल पीठ ने गुरुवार को संबंधित पक्षों (केंद्र सरकार और टेलीग्राम) की जिरह सुनने के बाद अपना अदालती फैसला सुरक्षित कर लिया था।

दिल्ली हाईकोर्ट की कार्यसूची के अनुसार, इस याचिका पर शुक्रवार सुबह 10:30 बजे निर्णय घोषित किया जाएगा। गौरतलब है कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने आईटी एक्ट की धारा 69ए का प्रयोग करते हुए एनटीए के सुझावों और इनपुट्स के आधार पर ही टेलीग्राम सेवाओं पर यह अस्थाई रोक लगाने का आदेश दिया था।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button