कर्मचारी ईपीएफ पर 8.25 प्रतिशत ब्याज दर को केंद्र की हरी झंडी, जल्द खाते में आएगी राशि

केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ईपीएफ खातों पर 8.25 फीसदी की ब्याज दर को आधिकारिक तौर पर स्वीकृत कर लिया है, जिससे देश के 7 करोड़ से ज्यादा नौकरीपेशा लोगों को फायदा होगा। वित्त मंत्रालय से औपचारिक अनुमति मिलने के बाद अब ईपीएफओ अंशधारकों के खातों में ब्याज की गणना कर उसे क्रेडिट करने की तैयारी में जुट गया है। सूत्रों के अनुसार, जून 2026 के अंत तक यह राशि सदस्यों के भविष्य निधि खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी।

इस ब्याज दर का निर्धारण 2 मार्च 2026 को आयोजित सीबीटी की बैठक में किया गया था, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने की थी। बोर्ड ने इस बैठक में लगातार तीसरे वर्ष ब्याज दर को स्थिर रखने की सिफारिश की थी। चूंकि भविष्य निधि पर मिलने वाले रिटर्न की जिम्मेदारी सरकार की होती है, इसलिए नियमानुसार इस फाइल को वित्त मंत्रालय की वित्तीय मंजूरी के लिए भेजा गया था, जिसे अब स्वीकार कर लिया गया है।

ब्याज दर को मंजूरी मिलने के साथ ही ईपीएफओ अपने तकनीकी ढांचे को अपग्रेड करने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। संगठन अपने आगामी ‘ईपीएफओ 3.0’ प्रोजेक्ट के जरिए पूरी सेवा प्रणाली का डिजिटलीकरण कर रहा है। इसका मुख्य लक्ष्य उपभोक्ताओं को बिना किसी बाधा के पारदर्शी और तेज सेवाएं प्रदान करना है।

इसी डिजिटल सुधार के हिस्से के रूप में, ईपीएफओ जल्द ही एक नई निकासी नीति पेश करने जा रहा है। एनपीसीआई के साथ मिलकर तैयार की गई इस व्यवस्था के माध्यम से खाताधारक यूपीआई प्लेटफॉर्म और एटीएम नेटवर्क का उपयोग करके अपने पीएफ खाते से सीधे पैसे निकाल सकेंगे। इस सेवा का ट्रायल रन सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है और इसकी औपचारिक घोषणा किसी भी समय की जा सकती है।

इस नई सुविधा के लागू होने के बाद, सब्सक्राइबर्स जरूरत पड़ने पर अपने कुल पीएफ फंड का अधिकतम 75 फीसदी हिस्सा सीधे और तुरंत अपने व्यक्तिगत बैंक खाते में ट्रांसफर कर पाएंगे। आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि इस व्यवस्था से दावों के वेरिफिकेशन और सेटलमेंट की लंबी प्रक्रिया से मुक्ति मिलेगी, जिससे पीएफ निकासी बेहद सुगम और जवाबदेह हो जाएगी।

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