भूकंप प्रभावित वेनेजुएला की मदद के लिए आगे आया भारत, ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’ के तहत भेजी 35 टन राहत सामग्री

भारत ने उत्तरी वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के पीड़ितों को तत्काल चिकित्सा और मानवीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’ अभियान का आगाज किया है। देश की संकटकालीन प्रतिक्रिया के तहत भारतीय सेना के जांबाजों और डॉक्टरों की एक विशेष टुकड़ी को तुरंत वेनेजुएला के प्रभावित क्षेत्रों के लिए रवाना कर दिया गया है। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य भूकंप की विभीषिका झेल रहे लोगों को समय पर स्वास्थ्य लाभ पहुंचाना है।
रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस मिशन के लिए भारतीय सेना के 60 पैरा फील्ड हॉस्पिटल से 41 स्वास्थ्य कर्मियों की टीम तैयार की गई है, जिसमें 9 सैन्य चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल हैं। भारतीय वायुसेना के दो परिवहन विमानों की मदद से इस दल को वेनेजुएला भेजा गया है। यह अनुभवी टीम भूकंप के कारण गंभीर रूप से घायल हुए लोगों के इलाज, आपातकालीन ऑपरेशन और सघन चिकित्सा (इंटेंसिव केयर) जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान करेगी।
भारतीय सेना द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस मेडिकल यूनिट के पास अपनी खुद की लगभग छह टन चिकित्सा सामग्री और उपकरण मौजूद हैं। इसमें विशेष रूप से भारत निर्मित ‘भीष्म क्यूब’ को भेजा गया है। आरोग्य मैत्री प्रोजेक्ट के तहत निर्मित यह भीष्म क्यूब एक ऐसा अत्याधुनिक और गतिशील फील्ड अस्पताल है, जिसे कठिन से कठिन परिस्थितियों वाले क्षेत्रों में भी बहुत तेजी से तैनात कर उन्नत ट्रॉमा प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सकता है।
मिशन की प्रगति पर बात करते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आधिकारिक तौर पर बताया कि ऑपरेशन अमिस्ताद पूरी सक्रियता से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वायुसेना के दो सी-17 विमान कुल 35 टन से ज्यादा राहत सामग्री, जीवनरक्षक दवाइयाँ, दो भीष्म क्यूब और सेना की फील्ड अस्पताल इकाई को लेकर वेनेजुएला के लिए रवाना हुए हैं। विदेश मंत्री ने विश्वास दिलाया कि भारत इस चुनौतीपूर्ण समय में वेनेजुएला के साथ है और हर मुमकिन मदद जारी रखेगा।
तकनीकी रूप से भीष्म क्यूब की कार्यक्षमता बेजोड़ है, जो बेहद सीमित समय के भीतर पूरी तरह क्रियाशील होकर एक साथ 200 के करीब पीड़ितों को आपातकालीन चिकित्सा लाभ देने में सक्षम है। वैश्विक स्तर पर विपरीत परिस्थितियों में त्वरित मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए भारत ने इस तरह के स्वदेशी समाधान विकसित किए हैं, जो आज अंतरराष्ट्रीय राहत कार्यों में बेहद उपयोगी साबित हो रहे हैं।
यह बचाव अभियान भारत के पारंपरिक दर्शन ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ यानी पूरी दुनिया को एक परिवार मानने की सोच से प्रेरित है। किसी भी अंतरराष्ट्रीय आपदा के समय बिना किसी देरी के सहयोग का हाथ बढ़ाना भारत की पुरानी परंपरा रही है। वेनेजुएला में चलाया जा रहा यह राहत मिशन न केवल हजारों जरूरतमंदों के लिए मददगार साबित होगा, बल्कि दुनिया भर में भारत की एक विश्वसनीय आपदा प्रतिक्रिया बल की साख को भी नया विस्तार देगा।



