भारत-सेशेल्स रक्षा संबंधों में नया अध्याय: पीएम मोदी ने राष्ट्रपति हर्मिनी को सौंपा ‘मेड इन इंडिया’ नौसैनिक पोत

भारत ने हिंद महासागर में सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करने के अपने संकल्प के तहत सेशेल्स को एक आधुनिक फास्ट पेट्रोल वेसल (एफपीवी) ‘पीएस लेस्पवार’ उपहार स्वरूप दिया है। सेशेल्स कोस्ट गार्ड बेस पर आयोजित आधिकारिक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वहां के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी को इस पोत की चाबी सौंपी। इस कदम से दोनों देशों के बीच सामरिक और सुरक्षा सहयोग को एक नई दिशा मिली है।

गोवा शिपयार्ड की तकनीकी देखरेख में तैयार यह हाई-स्पीड पोत समुद्री डकैती को रोकने और अवैध तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त करने में पूरी तरह सक्षम है। सेशेल्स के विस्तृत समुद्री सीमा क्षेत्र और उसके विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) की संप्रभुता को अक्षुण्ण रखने के लिए इस तरह की गश्ती क्षमताओं की भारी आवश्यकता थी, जिसे भारत की इस मदद ने पूरा किया है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस कूटनीतिक उपलब्धि को रेखांकित करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी को सौंपा गया यह स्वदेशी पोत सेशेल्स की समुद्री सीमाओं की रक्षा और उसकी पेट्रोलिंग व्यवस्था को अभूतपूर्व ढंग से सशक्त बनाएगा।

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह पूरी कवायद भारत के ‘महासागर’ दृष्टिकोण के अनुरूप है, जो सुरक्षित और स्थिर समुद्री मार्ग की वकालत करता है। सुरक्षा उपकरणों के अलावा, भारत ने सेशेल्स के सामाजिक और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए छह एंबुलेंस, दस यूटिलिटी गाड़ियां और पांच लेजर रेडियल नावें भी मुहैया कराई हैं। यह सहायता सेशेल्स की आंतरिक सुरक्षा और चिकित्सा आपातकाल सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाएगी।

दौरे के शुरुआती चरण में, प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति हर्मिनी ने संयुक्त रूप से विक्टोरिया के ‘सेशेल्स नेशनल बोटैनिकल गार्डन’ का दौरा किया। वहां प्रधानमंत्री ने 194 साल के ‘जोनाथन’ नामक कछुए सहित अन्य विशाल कछुओं को दाना खिलाया, जिसे पृथ्वी पर सबसे दीर्घायु जीवित जीव का दर्जा प्राप्त है। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए दोनों राष्ट्रप्रमुखों ने वहां पौधरोपण किया और स्थानीय वन्यजीव विशेषज्ञों से उद्यान की जैव विविधता पर विस्तृत चर्चा की।

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