अमेरिका ने बोस्निया और हर्जेगोविना को हराकर अंतिम-16 में बनाई जगह, अगले दौर में बेल्जियम से भिड़ंत तय

सैन फ्रांसिस्को बे एरिया स्टेडियम में खेले गए फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 32 के मुकाबले में सह-मेजबान अमेरिका ने बोस्निया और हर्जेगोविना को 2-0 से शिकस्त दे दी है। इस महत्वपूर्ण जीत के साथ ही अमेरिकी टीम ने टूर्नामेंट के प्री-क्वार्टर फाइनल (राउंड ऑफ 16) में प्रवेश कर लिया है। इस नॉकआउट मैच में अमेरिकी टीम के लिए फोलारिन बालोगुन और मलिक टिलमैन ने निर्णायक गोल किए।
मुकाबले की शुरुआत से ही अमेरिकी टीम ने गेंद पर अपना नियंत्रण बनाए रखा और लगातार हमले किए। खेल के शुरुआती चरण में फोलारिन बालोगुन ने एक सटीक शॉट लगाकर गेंद को गोल पोस्ट के अंदर पहुंचाया, लेकिन ऑफसाइड होने के कारण इस गोल को मान्यता नहीं मिली। हालांकि, पहले हाफ के अंतिम इंजरी टाइम में बालोगुन ने इस कमी को पूरा कर दिया। मलिक टिलमैन के एक सटीक पास पर बोस्नियाई डिफेंडरों को चकमा देते हुए उन्होंने गोलकीपर निकोला वासिलज के नीचे से गेंद को नेट में डाल दिया और अमेरिका को 1-0 से आगे कर दिया।
इसके तुरंत बाद पहले हाफ के एडेड टाइम में बालोगुन मैच का दूसरा गोल दागने के बेहद करीब पहुंचे थे, मगर किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया और शॉट क्रॉसबार से टकरा गया। मैच के दूसरे हिस्से में विपक्षी टीम बोस्निया ने जवाबी हमले तेज किए। खेल के 64वें मिनट में अमेरिका की मुश्किलें तब बढ़ गईं जब वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) की समीक्षा के बाद बालोगुन को सीधे रेड कार्ड का सामना करना पड़ा। इस निष्कासन के कारण अमेरिका को मैच के शेष 30 मिनट का खेल केवल 10 खिलाड़ियों के सहारे ही निकालना पड़ा।
संख्या बल में पिछड़ने के बावजूद अमेरिकी रक्षापंक्ति ने धैर्य नहीं खोया और बोस्नियाई फॉरवर्ड लाइन को बराबरी हासिल करने से रोके रखा। मैच के आखिरी मिनटों में मलिक टिलमैन ने एक दर्शनीय फ्री-किक को सीधे गोल में तब्दील कर टीम की बढ़त को 2-0 कर दिया। इससे पहले कप्तान क्रिश्चियन पुलिसिक का एक गोल भी ऑफसाइड के नियमों के कारण रद्द किया जा चुका था।
विश्व कप के इतिहास पर नजर डालें तो नॉकआउट चरण में किसी यूरोपीय देश के खिलाफ अमेरिका की यह दूसरी खिताबी जीत है। इस परिणाम के साथ ही टीम ने यूरोपीय प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ पिछले 12 मैचों से चले आ रहे हार के क्रम को आखिरकार समाप्त कर दिया है। यह बीते चार विश्व कप संस्करणों में चौथी बार है जब अमेरिकी टीम अंतिम-16 में पहुंचने में सफल रही है।
मुख्य कोच मौरिसियो पोचेटिनो की रणनीति के तहत खेल रही अमेरिकी टीम अब आगामी 7 जुलाई को सिएटल स्टेडियम में बेल्जियम के खिलाफ मैदान पर उतरेगी। यदि अमेरिकी टीम इस बाधा को पार करने में सफल रहती है, तो वह वर्ष 2002 के बाद पहली बार और आधुनिक दौर के फुटबॉल में सिर्फ दूसरी बार विश्व कप के क्वार्टर फाइनल चरण में कदम रखेगी।
