भारत-सेशेल्स मैत्री के नए आयाम: नौसैनिक पोत ‘तरकश’ और ‘इक्षक’ का सफल दौरा पूरा

सेशेल्स के पोर्ट विक्टोरिया में भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस ‘तरकश’ और सर्वेक्षण पोत आईएनएस ‘इक्षक’ की सद्भावना यात्रा 29 जून, 2026 को पूरी हो गई। दोनों जहाजों ने सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस और उसकी स्वर्ण जयंती के ऐतिहासिक अवसरों पर आयोजित पेशेवर बैठकों, औपचारिक समारोहों और सामुदायिक सेवा के कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाई। यह मिशन दोनों मित्र देशों के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग और गहरे समुद्री संबंधों का एक महत्वपूर्ण प्रमाण है।
दौरे के दौरान 28 जून को आयोजित सेशेल्स की मुख्य राष्ट्रीय दिवस परेड में आईएनएस ‘तरकश’ के नौसैनिकों की टुकड़ी और नौसेना बैंड ने हिस्सा लेकर भारत का प्रतिनिधित्व किया। इस राष्ट्रीय उत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में प्रधानमंत्री उपस्थित थे। परेड में भारतीय नौसेना की भागीदारी ने दोनों देशों के बीच कायम मजबूत आपसी विश्वास और रणनीतिक समुद्र तटीय साझेदारी को प्रदर्शित किया।
तकनीकी सहयोग के स्तर पर, आईएनएस ‘इक्षक’ ने अपनी उत्कृष्ट क्षमताओं का प्रदर्शन किया, जिसे देखने के लिए जहाज पर 300 से अधिक आगंतुक पहुंचे। वहां मौजूद विशेषज्ञों ने मेहमानों को पोत की उन्नत हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण तकनीकों से अवगत कराया। इस प्रदर्शन का उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में हाइड्रोग्राफी से जुड़े कार्यों में भारतीय नौसेना के निरंतर योगदान और उसकी तकनीकी दक्षता को साझा करना था।
इस दौरे को स्थानीय स्तर पर भी बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली, जब आईएनएस ‘इक्षक’ के कर्मियों ने सेशेल्स में कार्यरत भारतीय उच्चायोग के समन्वय से ‘इंग्लिश रिवर होम’ में एक चिकित्सा कल्याण शिविर लगाया। इस सामाजिक पहल के तहत वहां के नागरिकों को प्राथमिक उपचार किट और आवश्यक दैनिक सामग्रियां वितरित की गईं, जो स्थानीय समाज के प्रति भारत की संवेदनशीलता और दोनों देशों के साझा मूल्यों को उजागर करती है।
इस सफल अभियान पर टिप्पणी करते हुए भारतीय नौसेना ने कहा कि आईएनएस ‘तरकश’ और आईएनएस ‘इक्षक’ का यह दौरा भारत की ‘महासागर’ (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए आपसी एवं समग्र प्रगति) नीति के अनुरूप है, जो हिंद महासागर क्षेत्र के सहयोगी देशों के साथ संबंधों को प्रगाढ़ बनाने पर जोर देती है। इस रणनीतिक तैनाती से न केवल क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा और परिचालन क्षमताओं में सुधार हुआ है, बल्कि भारत और सेशेल्स के बीच द्विपक्षीय रक्षा गठबंधन को भी नई ऊर्जा मिली है।



