भारत-सिंगापुर समुद्री संबंधों को मजबूती: परिचालन तैनाती के तहत चांगी पहुंचे भारतीय नौसेना के तीन युद्धपोत

भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े ने अपनी नियमित परिचालन तैनाती के हिस्से के रूप में सिंगापुर के चांगी नौसैनिक अड्डे की एक महत्वपूर्ण यात्रा संपन्न की है। रियर एडमिरल आलोक आनंद के नेतृत्व में भारतीय युद्धपोत आईएनएस शक्ति, आईएनएस उदयगिरि और आईएनएस कवरत्ती इस द्विपक्षीय दौरे पर सिंगापुर पहुंचे थे। इस यात्रा का प्राथमिक लक्ष्य दक्षिण-पूर्व एशियाई क्षेत्र में भारत और सिंगापुर के बीच सैन्य साझेदारी तथा समुद्री सहयोग को बढ़ावा देना था।
यह तीन दिवसीय यात्रा केंद्र सरकार की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति और आसियान-भारत समुद्री सहयोग वर्ष के साझा विजन के तहत आयोजित की गई थी। इस प्रवास के दौरान भारत और सिंगापुर की नौसेनाओं के बीच उच्च स्तरीय पेशेवर संवाद हुए। इसके साथ ही दोनों देशों के नौसैनिकों के लिए क्रॉस-डेक दौरों का प्रबंध किया गया, ताकि दोनों सेनाएं एक-दूसरे की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को सीख सकें और आपातकालीन स्थितियों में मिलकर काम करने की अपनी परिचालन क्षमता को और निखार सकें।
सैनिक गतिविधियों के अलावा इस दौरे में नागरिक जुड़ाव को भी शामिल किया गया। बंदरगाह पर ठहराव के दौरान स्थानीय स्कूल के विद्यार्थियों के लिए आईएनएस कवरत्ती पर एक विशेष भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान स्कूली बच्चों को नौसेना के जहाजों की कार्यप्रणाली, युद्धपोत पर जीवन की चुनौतियों और नौसैनिक मूल्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई, जिससे युवाओं में समुद्री सुरक्षा के प्रति जागरूकता पैदा की जा सके।
नौसेना अधिकारियों के मुताबिक, इस दौरे की कामयाबी दोनों मित्र देशों के बीच लगातार प्रगाढ़ होते समुद्री संबंधों का प्रमाण है। चांगी नौसैनिक अड्डे पर आयोजित हुए विभिन्न पेशेवर कार्यक्रमों से दोनों नौसेनाओं के बीच आपसी समन्वय और समझ का दायरा बढ़ा है। नौसेना ने विश्वास जताया है कि इस तरह के प्रयासों से क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और समुद्री मार्गों की सुरक्षा के लिए जारी दोनों देशों के संयुक्त प्रयासों को भविष्य में और अधिक गति मिलेगी।



