भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक लीडर्स समिट: मेलबर्न में प्रधानमंत्री मोदी और एंथनी अल्बानीज़ के बीच उच्चस्तरीय बैठक संपन्न

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को मेलबर्न में आयोजित तीसरे भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक लीडर्स समिट के दौरान ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता का नेतृत्व किया। अपनी तीन देशों की राजकीय यात्रा के दूसरे पड़ाव के तहत बुधवार को ऑस्ट्रेलिया पहुंचे पीएम मोदी का भारतीय प्रवासियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया था। इसके उपरांत, गुरुवार को गवर्नमेंट हाउस में विक्टोरिया राज्य की गवर्नर मार्गरेट गार्डनर के साथ द्विपक्षीय चर्चा के बाद प्रधानमंत्री का औपचारिक स्वागत हुआ, जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस रणनीतिक बैठक में पीएम मोदी के साथ भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश सचिव विक्रम मिसरी और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल भी उपस्थित रहे।

दौरे के एक अन्य मुख्य कार्यक्रम में, दोनों मुख्यमंत्रियों ने भारत-ऑस्ट्रेलिया सीईओ (CEO) फोरम और इकोनॉमिक रोडमैप बिजनेस रिसेप्शन में हिस्सा लिया। इस मंच से उद्योग जगत को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के इको-फ्रेंडली मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ताकत को दुनिया के सामने रखा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारत के भीतर ग्रीन हाइड्रोजन, हाइड्रो प्रोजेक्ट्स, विंड टर्बाइन और सोलर मॉड्यूल के लिए एक सुदृढ़ विनिर्माण तंत्र आकार ले रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि 2030 तक 500 गीगावाट अक्षय ऊर्जा क्षमता हासिल करने और 2070 तक नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन के भारतीय संकल्प को पूरा करने में ऑस्ट्रेलिया की पूंजी, तकनीक और प्राकृतिक संसाधन बेहद मददगार साबित हो सकते हैं।

आर्थिक मोर्चे पर हुई प्रगति का ब्योरा देते हुए प्रधानमंत्री ने साल 2022 में हस्ताक्षरित आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते (ECTA) का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने रेखांकित किया कि इस समझौते के लागू होने के बाद से भारत का ऑस्ट्रेलिया को होने वाला निर्यात दोगुना हो चुका है, जिसने दोनों देशों के वाणिज्यिक क्षेत्र को नए और व्यापक अवसर प्रदान किए हैं।

संभावना जताई जा रही है कि इस वार्ता के माध्यम से भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रक्षा, सुरक्षा, निवेश, व्यापारिक आदान-प्रदान, शिक्षा और दोनों देशों के नागरिकों के आपसी संबंधों को नई मजबूती मिलेगी। ऑस्ट्रेलिया की इस महत्वपूर्ण और सफल यात्रा के समापन के बाद, प्रधानमंत्री मोदी न्यूजीलैंड के लिए प्रस्थान करेंगे, जो उनके इस बहुदेशीय दौरे का आखिरी चरण होगा। यह पूरी यात्रा दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को एक नए शिखर पर ले जाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रही है।

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