मध्य प्रदेश में बुनियादी ढांचे का विस्तार: नागदा में मुख्यमंत्री ने की ₹5,017 करोड़ के ग्रीनफील्ड फोरलेन मार्ग सहित कई विकास कार्यों की शुरुआत

उज्जैन जिले के नागदा में शुक्रवार को आयोजित एक जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ₹5,017 करोड़ की अनुमानित लागत से तैयार होने वाले 98.73 किलोमीटर लंबे उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन कॉरीडोर का भूमि पूजन किया। इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए कई अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं करने के साथ ही नागदा में अस्थायी रूप से केंद्रीय विद्यालय की कक्षाओं का शुभारंभ किया। सड़क दुर्घटनाओं में लोगों की जान बचाने के लिए उन्होंने जन-भागीदारी पर आधारित ‘जन सेवा प्रहरी अभियान’ की शुरुआत की और शासकीय कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता राशि व सामग्री का वितरण किया।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मालवा क्षेत्र अपनी विशेष कार्यकुशलता और वाणी की मधुरता के लिए पूरे देश में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इस पूरे अंचल की प्रगति के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड कॉरीडोर इस क्षेत्र की आर्थिक संपन्नता और संपर्क का एक नया आधार बनेगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह मार्ग केवल दो शहरों को जोड़ने वाला रास्ता नहीं है, बल्कि मालवा की आर्थिक व्यवस्था को रफ्तार देने वाला एक नया स्पीड ट्रैक साबित होगा। इसके चालू होने से यात्रियों का सफर आसान होगा, व्यापारिक वस्तुओं के परिवहन समय में कमी आएगी और भाड़े का खर्च न्यूनतम हो जाएगा, जिससे कृषि, पर्यटन और उद्योग जगत को सीधा फायदा पहुंचेगा।

मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि सिंहस्थ-2028 के सफल और सुव्यवस्थित आयोजन में यह सड़क मार्ग बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य वैश्विक स्तर से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को एक सुगम, सुरक्षित और आधुनिक आवागमन ढांचा उपलब्ध कराना है। यह परियोजना दिसंबर 2027 तक पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएगी। उन्होंने बताया कि जनसुविधा को देखते हुए इस मार्ग को ‘एक्सेस कंट्रोल्ड’ से बदलकर ‘नॉन एक्सेस कंट्रोल्ड’ किया गया है, ताकि स्थानीय लोगों को भी इसका पूरा लाभ मिल सके। सिंहस्थ मेले के दौरान राजस्थान और गुजरात से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए यह फोरलेन यातायात को बेहद सुगम बना देगा। वर्तमान में प्रतिवर्ष उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगभग साढ़े आठ करोड़ तक पहुंच गई है। शहरी विकास को गति देने के लिए सरकार ने इंदौर-उज्जैन-रतलाम और भोपाल-सीहोर-नर्मदापुरम को महानगरीय क्षेत्रों में तब्दील कर काम शुरू कर दिया है, और आने वाले समय में ग्वालियर तथा जबलपुर में भी मेट्रोपोलिटन रीजन बनाए जाएंगे।

क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर त्वरित निर्णय लेते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन और जावरा के बीच के मौजूदा सड़क मार्ग को चौड़ा करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी। इसके साथ ही उन्होंने नागदा और खाचरौद को फोरलेन सड़क के जरिए रतलाम शहर से जोड़ने, खाचरौद में नई मटर मंडी की स्थापना के लिए अतिरिक्त सरकारी भूमि देने और एक फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने का ऐलान किया। नागदा विधानसभा क्षेत्र की सिंचाई और जल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अटलावदा-निनावटखेड़ा के पास चंबल नदी पर एक नया बांध बनाया जाएगा। युवाओं के कौशल विकास के लिए नागदा में एक नया आईटीआई केंद्र खोलने की भी घोषणा की गई। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़कों के जाल से प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश आएगा, जिससे आर्थिक गतिविधियों को बल मिलेगा और स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश देश में सबसे ज्यादा रोजगार सृजित करने वाले राज्य के रूप में उभरा है। मालवा के औद्योगिक क्षेत्रों जैसे पीथमपुर और विक्रम उद्योगपुरी में वैश्विक कंपनियां अपने कारखाने स्थापित कर रही हैं, और विकास की इस दौड़ में अब चंबल संभाग भी अग्रसर है। देश में सबसे ज्यादा सीमेंट कारखाने मध्य प्रदेश में ही स्थापित हो रहे हैं। केंद्र सरकार के ‘GYAN’ (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) विजन का विस्तार करते हुए राज्य सरकार ने इसमें ‘औद्योगिकीकरण’ और ‘अधोसंरचनात्मक विकास’ को भी शामिल किया है। इसी का परिणाम है कि भोपाल में संपन्न ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस 2025) में 30 लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर क्रियान्वित हो चुका है।

किसानों की प्रगति पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कृषि उपज के उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है। उज्जैन में पेप्सिको के फूड इंडस्ट्री पार्क और मालवा में मटर प्रोसेसिंग यूनिट के चालू होने से स्थानीय आलू उत्पादक किसानों को देश के बड़े महानगरों जैसे दिल्ली और मुंबई के समान ही मूल्य अपने क्षेत्र में मिलने लगेगा। सरकार ने बिना किसी नए कर के 4.38 लाख करोड़ रुपये का जन-हितैषी बजट पारित किया है। लाड़ली बहना योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये दिए जा रहे हैं, और रक्षाबंधन पर्व से पहले जुलाई महीने की किस्त भी जारी कर दी जाएगी। सरकार अब तक इस योजना के माध्यम से 60 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे बहनों के खातों में भेज चुकी है। इसके अतिरिक्त, इंदौर-पीथमपुर ग्रीनफील्ड इकोनॉमिक कॉरीडोर भी इस क्षेत्र की तस्वीर बदलेगा। आगामी सिंहस्थ में 30 से 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए क्षिप्रा नदी पर 30 किलोमीटर लंबे नए पक्के घाट बनाए जा रहे हैं। उज्जैन में एक नया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा स्थापित किया जाएगा, इंदौर-उज्जैन मेट्रो का संचालन शुरू होगा और नागदा को दो अलग-अलग रेल रूटों से दिल्ली-मुंबई मुख्य रेल मार्ग से जोड़ा जाएगा।

इस अवसर पर कर्नाटक के राज्यपाल डॉ. थावरचंद गहलोत ने कहा कि यह नया ग्रीनफील्ड कॉरिडोर आगामी सिंहस्थ से पहले बनकर जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा शुरू किए गए ‘जनसेवा प्रहरी अभियान’ को एक सराहनीय कदम बताया और कहा कि नागदा के नए केंद्रीय विद्यालय में 30 जुलाई से अध्यापन कार्य शुरू हो जाएगा, जिससे स्थानीय व केंद्रीय कर्मचारियों के बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा मिल सकेगी। उज्जैन के सांसद श्री अनिल फिरोजिया ने कहा कि इस मार्ग के बनने से उज्जैन को सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से कनेक्टिविटी मिल जाएगी, जो कि एक दीर्घकालिक मांग थी। उन्होंने नागदा को पीएमश्री स्कूल देने के लिए मुख्यमंत्री का आभार माना। नागदा-खाचरौद के विधायक डॉ. तेज बहादुर सिंह चौहान ने समय-सीमा के भीतर घोषणाओं को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री की प्रशंसा की और नागदा-खाचरौद को मिलाकर एक नया जिला गठित करने का अनुरोध किया।

परियोजनाओं के मुख्य बिंदु एवं तकनीकी विवरण:

  • उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन कॉरीडोर: ₹5,017 करोड़ की लागत से बनने वाले इस 98.73 किलोमीटर लंबे मार्ग से क्षेत्र के करीब 35 लाख लोगों को सीधा लाभ होगा। इसके अंतर्गत उज्जैन संभाग के उज्जैन, घट्टिया, नागदा-खाचरौद, आलोट और जावरा क्षेत्रों का विकास होगा, जिसमें उज्जैन जिले के 50 और रतलाम के 12 गांव शामिल हैं। इस मार्ग पर 7 फ्लाई ओवर, 3 रेल ओवरब्रिज, 8 बड़े पुल, 22 मध्यम पुल, 36 अंडरपास, 2 ओवरपास और 430 छोटी पुलियाओं का निर्माण किया जाएगा।

  • केंद्रीय विद्यालय नागदा: विद्यालय के स्थायी परिसर के निर्माण के लिए राज्य सरकार ने 2.01 हेक्टेयर भूमि स्वीकृत की है। वर्तमान में इसे एक निजी कॉलेज के भवन में अस्थायी तौर पर पहली से पांचवीं कक्षा के साथ शुरू किया जा रहा है। इसमें शुरुआती तौर पर 200 छात्र प्रवेश ले सकेंगे, जिनमें से 50 सीटें (25 प्रतिशत) शिक्षा का अधिकार (RTE) कानून के तहत आरक्षित रखी गई हैं।

  • जन सेवा प्रहरी अभियान: सड़क दुर्घटनाओं के बाद शुरुआती 60 मिनटों (गोल्डन ऑवर) में घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार प्रदान कर उनका जीवन बचाना इस अभियान का मूल उद्देश्य है। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट्स) के आसपास स्थित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, ढाबों और पेट्रोल पंपों के कर्मचारियों को पुलिस, स्वास्थ्य तथा परिवहन विभाग के समन्वय से फर्स्ट एड किट और सीपीआर देने का निशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब तक 1,549 स्वयंसेवकों ने अपना पंजीकरण कराया है, जिनमें से 155 को प्रमाणपत्र बांटे जा चुके हैं। हाल ही में 28 मई 2026 को खरसौद खुर्द में इन प्रहरियों ने तत्परता दिखाते हुए तीन घायल नागरिकों की जान बचाई थी।

इस कार्यक्रम में कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा जिला प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल, राज्यसभा सांसद महंत श्री बाल योगी उमेशनाथ, विधायक श्री सतीश मालवीय, श्री जितेन्द्र पण्ड्या, डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय, मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष श्री ओम जैन, उज्जैन के महापौर श्री मुकेश टटवाल, जिलाध्यक्ष श्री राजेश धाकड़, मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री भरत यादव सहित बड़ी संख्या में जनसामान्य एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

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