मध्य प्रदेश की जेलों में बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य सुधार के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू

मध्य प्रदेश जेल विभाग ने कैदियों की मानसिक सेहत की देखभाल और उनके समग्र कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। महानिदेशक (जेल) डॉ. वरुण कपूर के दिशा-निर्देशन में भोपाल स्थित क्षेत्रीय जेल प्रबंधन एवं शोध संस्थान में सात दिवसीय विशेष मानसिक स्वास्थ्य प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। गुजरात के गांधीनगर स्थित राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी (आरआरयू) के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जेलों में बंद कैदियों के मानसिक स्वास्थ्य की पहचान करना, उन्हें उचित परामर्श देना और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ बनाना है।

प्रशिक्षण सत्र के उद्घाटन के अवसर पर जेल महानिदेशक डॉ. वरुण कपूर ने कैदियों के स्वास्थ्य संरक्षण को विभाग का प्राथमिक दायित्व बताया। उन्होंने रेखांकित किया कि जेल प्रशासन अब तक कैदियों के शारीरिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देता रहा है, लेकिन अब मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी एक वैज्ञानिक और संस्थागत ढांचा तैयार किया जा रहा है। डॉ. कपूर के अनुसार, बंदियों के व्यवहार में सकारात्मक सुधार लाने, उनके सफल पुनर्वास और जेल परिसरों के भीतर एक बेहतर माहौल तैयार करने के लिए मानसिक रूप से स्वस्थ होना बेहद जरूरी है।

इस विशेष कार्यशाला के विवरण साझा करते हुए महानिदेशक ने बताया कि प्रदेश की अलग-अलग जेलों से कुल 30 कर्मचारियों और अधिकारियों का चयन इस प्रशिक्षण के लिए किया गया है। इस बैच में जेल प्रहरियों के साथ-साथ पैरामेडिकल स्टाफ को भी शामिल किया गया है। यह प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद यह स्टाफ अपने-अपने बंदी गृहों में मानसिक तनाव या विकारों से जूझ रहे कैदियों की समय पर पहचान कर सकेगा। साथ ही, वे वैज्ञानिक पद्धति से उनका रिकॉर्ड रखने, शुरुआती काउंसिलिंग करने और जरूरत पड़ने पर उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्रों पर रेफर करने की प्रक्रिया को कुशलतापूर्वक संभाल सकेंगे।

विभाग की भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए डॉ. वरुण कपूर ने इस पहल को जेल सुधार की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने जानकारी दी कि आने वाले समय में विभाग प्रदेश की विभिन्न जेलों में ‘साइको सोशल काउंसिलिंग सेंटर’ (मनो-सामाजिक परामर्श केंद्र) स्थापित करने पर विचार कर रहा है। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर एक ‘मास्टर ट्रेनर कार्यक्रम’ भी चलाया जाएगा और इस दीर्घकालिक परियोजना को अमलीजामा पहनाने के लिए जल्द ही एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।

भोपाल में आयोजित इस उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान जेल विभाग और राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इनमें डीआईजी श्री मंशाराम पटेल, केंद्रीय जेल अधीक्षक श्री मानेन्द्र सिंह परिहार और प्रशासकीय अधिकारी श्री दिनेश कुमार इमले शामिल थे। इनके साथ ही, राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ प्रशिक्षक श्री गीतेश सिंह एवं श्री राकेश सिंह भी सत्र में विशेष रूप से उपस्थित रहे।

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