मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में शामिल होगी नर्मदा परिक्रमा, राज्य मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने दिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश

मध्यप्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान ‘मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना’ का दायरा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रदेश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों के साथ-साथ जीवनदायिनी मां नर्मदा की परिक्रमा को भी इस योजना के अंतर्गत लाया जाए। राज्य मंत्री ने रेखांकित किया कि नर्मदा नदी राज्य के 16 जिलों से होकर बहती है, इसलिए इसे ध्यान में रखकर एक व्यवस्थित रूपरेखा तैयार की जाए। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणा को अमलीजामा पहनाते हुए अंतरराज्यीय तीर्थ यात्रा के लिए बस संचालन की कार्ययोजना पर तेजी से काम करने के निर्देश दिए गए।

मंत्रालय में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के विभिन्न कार्यों का आकलन किया गया। राज्य मंत्री श्री लोधी ने उन मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए विशेष नीति बनाने पर बल दिया, जो सरकारी नियंत्रण में नहीं हैं (गैर शासन संधारित)। इसके अलावा, उन्होंने सरकारी प्रबंधन वाले मंदिरों से जुड़ी जमीनों की वास्तविक स्थिति और मध्यप्रदेश से बाहर स्थित विभागीय संपत्तियों के मौजूदा हालातों की भी विस्तृत जानकारी ली।

बैठक के दौरान सरकारी मंदिरों के पुनरुद्धार और उनके दस्तावेजीकरण (डॉक्यूमेंटेशन) की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके साथ ही मध्यप्रदेश तीर्थस्थान एवं मेला प्राधिकरण द्वारा किए जा रहे कार्यों, विभाग में खाली पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया, सीएम मॉनिटर, विभागीय घोषणाओं और सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज मामलों के निराकरण की स्थिति की भी पड़ताल की गई।

वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले आगामी उज्जैन सिंहस्थ महापर्व को लेकर बैठक में विशेष चर्चा हुई। राज्य मंत्री ने निर्देश दिए कि सिंहस्थ को अत्यंत भव्य, दिव्य और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए विभाग एक एकीकृत और व्यापक कार्ययोजना तैयार करे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिंहस्थ के आयोजन को देखते हुए धार्मिक व ऐतिहासिक महत्व के प्रमुख मंदिरों के जीर्णोद्धार और विकास के लिए एक विशेष ब्लूप्रिंट तैयार किया जाना चाहिए।

विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए राज्य मंत्री ने कहा कि विकास कार्यों में क्षेत्रीय जनभावनाओं का पूरा आदर होना चाहिए। इसके लिए समन्वयकों, मंत्रियों, सांसदों और विधायकों द्वारा अपने क्षेत्रों के विकास हेतु दिए गए प्रस्तावों को शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया जाए।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी पहल की भी घोषणा की गई। श्री लोधी ने बताया कि प्रदेश के सभी प्रमुख देवालयों की प्रामाणिक और सटीक जानकारी एक ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड की जाएगी, जिससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और भक्तों को सहूलियत हो। इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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