शेयर बाज़ार अपडेट

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दामों में आई तेजी और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के चलते शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में कमजोरी दर्ज की गई। कारोबार की शुरुआत होते ही बंबई स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स करीब एक प्रतिशत तक गिर गए। कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चले जाने के कारण निवेशकों के बीच सतर्कता और बिकवाली का रुख देखा गया।
शुरुआती दौर में बीएसई सेंसेक्स 683.20 अंक (0.89 प्रतिशत) टूटकर 75,708.19 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। दूसरी तरफ, एनएसई का निफ्टी सूचकांक भी 203.25 अंक (0.85 प्रतिशत) गिरकर 23,666.35 के स्तर पर आ गया।
सत्र के दौरान बाजार के सभी सेक्टरों के इंडेक्स में गिरावट का रुख रहा। बिकवाली का सबसे अधिक असर रियल्टी, मेटल और फाइनेंस से जुड़े शेयरों में दर्ज किया गया। आंकड़ों के अनुसार निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 0.95 प्रतिशत, निफ्टी मेटल में 0.92 प्रतिशत तथा निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.76 प्रतिशत की कमी आई। इसके साथ ही निफ्टी पीएसयू बैंक, ऑटो, प्राइवेट बैंक, एफएमसीजी और आईटी क्षेत्र के इंडेक्स भी 0.60 से 0.75 प्रतिशत के दायरे में नुकसान में रहे।
बाजार में इस बिकवाली के पीछे अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में हुई बढ़ोतरी भी एक प्रमुख कारण है, जो बढ़कर 4.7 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इसे वैश्विक शेयर बाजारों के लिए अल्पकालिक खतरे के रूप में देखा जा रहा है।
वैश्विक स्तर पर भी मंदी की यह लहर साफ दिखाई दी। एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई करीब 3 प्रतिशत, हांगकांग का हैंगसेंग 3 प्रतिशत से अधिक और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 5 प्रतिशत से ज्यादा नीचे आ गया। इससे पहले गुरुवार के सत्र में अमेरिकी बाजारों में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली थी, जिसमें एसएंडपी 500 में 1.21 प्रतिशत और नैस्डैक में 2.15 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई थी।
अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार में कच्चा तेल मजबूत स्थिति में बना हुआ है। ब्रेंट क्रूड 0.43 प्रतिशत बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड 0.69 प्रतिशत की बढ़त के साथ 92.83 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा है।



