‘सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक’ पर रणनीति के बीच शुरू हुई NDA की ‘मंगल मिलन’ बैठक, NCPI सांसद भी हुईं शामिल

संसद पुस्तकालय परिसर के जी.एम.सी. बालयोगी ऑडिटोरियम में मंगलवार सुबह एनडीए संसदीय दल की साप्ताहिक ‘मंगल मिलन’ बैठक आयोजित हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में गठबंधन के शीर्ष नेताओं के साथ-साथ तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर बनी नई पार्टी ‘नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया’ (NCPI) की महिला सांसद—काकोली घोष, शताब्दी रॉय और सायनी घोष—भी पहली बार सम्मिलित हुईं।
इस बैठक में केंद्रीय मंत्रियों किरेन रिजिजू, अर्जुन राम मेघवाल, प्रह्लाद जोशी और जितेंद्र सिंह समेत सत्तारूढ़ गठबंधन के कई शीर्ष दिग्गज उपस्थित रहे। यह बैठक लोकसभा में ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ के प्रस्तुत होने के ठीक एक दिन बाद आयोजित की गई है, जिससे इसकी रणनीतिक अहमियत काफी बढ़ गई है।
सरकार इस नए संशोधन विधेयक के जरिए प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाली धांधली और पेपर लीक नेटवर्क पर कड़ा प्रहार करने की योजना बना रही है। इसमें कड़े दंड के प्रावधान किए गए हैं, जिनमें अधिकतम 10 साल का कारावास, 10 करोड़ रुपये तक का आर्थिक दंड, संपत्तियों की कुर्की और तीन माह के भीतर न्यायिक निर्णय सुनाने की समय-सीमा तय की गई है। एनडीए की इस बैठक में इसी विधेयक को लेकर सदन में प्रभावी बहस की रणनीति और विपक्षी हमलों का सामना करने पर चर्चा की गई।
उल्लेखनीय है कि ‘मंगल मिलन’ एनडीए संसदीय दल की नियमित साप्ताहिक बैठकों का ही अद्यतन रूप है, जिसका उद्देश्य गठबंधन के घटक दलों के बीच आपसी समन्वय को सुदृढ़ बनाना है। इसमें भाजपा के अलावा जेडीयू, टीडीपी, शिवसेना, लोजपा और अपना दल जैसे सहयोगी दलों के सांसद भाग लेते हैं। इस मंच का प्रमुख ध्येय संसदीय कार्यवाही की साझा रणनीति तैयार करना और विभिन्न विधायी विषयों पर एकमत कायम करना है।
जंतर-मंतर पर छात्रों के चल रहे आंदोलन तथा पुलिस कार्रवाई के मुद्दों पर विपक्षी दलों के आक्रामक रुख को देखते हुए यह बैठक एनडीए के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। बैठक में हुए विचार-विमर्श तथा निर्णयों से जुड़ी विस्तृत जानकारियां बाद में सार्वजनिक की जाने की उम्मीद है।



