ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स: वेटलिफ्टर बिंद्यारानी देवी ने 58 किग्रा वर्ग में कांस्य जीतकर बढ़ाया देश का मान

भारत की दिग्गज भारोत्तोलक बिंद्यारानी देवी सोरोखाइबाम ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत की झोली में एक और पदक डाल दिया है। मणिपुर से ताल्लुक रखने वाली इस एथलीट ने महिलाओं की 58 किलोग्राम भारवर्ग स्पर्धा में कुल 199 किलोग्राम वजन उठाकर कांस्य पदक पर कब्जा जमाया।
इस शानदार जीत के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एथलीट को बधाई दी। पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर लिखा कि वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में भारत को मिला यह पदक बिंद्यारानी देवी की निरंतर मेहनत और अटूट इरादों का परिणाम है। ग्लासगो में मिली इस कामयाबी पर देश को गर्व है और वे खिलाड़ी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं।
भारोत्तोलन में भारत के इस बढ़ते दबदबे को रेखांकित करते हुए केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि बिंद्यारानी ने अपने शानदार जज्बे के साथ 58 किग्रा वर्ग में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। इस जीत के साथ ही उन्होंने चालू खेलों की वेटलिफ्टिंग स्पर्धाओं में भारत का पांचवां पदक सुनिश्चित कर दिया है, जो पूरे देश के लिए अत्यंत सम्मान की बात है।
राज्य का नाम रोशन होने पर मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचन्द सिंह ने भी बिंद्यारानी को शुभकामनाएं प्रेषित कीं। उन्होंने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक जीतना पूरी तरह से बिंद्यारानी के साहस, समर्पण और संकल्प को दर्शाता है। यह कामयाबी मणिपुर सहित पूरे भारत के लिए एक अविस्मरणीय और गर्व से भर देने वाला पल है।
पुरस्कार जीतने के उपरांत बिंद्यारानी देवी ने आईएएनएस से संवाद करते हुए अपनी इस यात्रा के अनुभव साझा किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नई वेट कैटेगरी (58 किलोग्राम) में उतरने के बावजूद पोडियम फिनिश हासिल करना उनके लिए बहुत मायने रखता है। पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने अपनी प्रसन्नता व्यक्त की और संकल्प जताया कि वे आने वाले एशियन गेम्स में भी देश के लिए पदक हासिल करने के उद्देश्य से अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देंगी।



