घरेलू आपूर्ति श्रृंखला मजबूत करने के लिए ट्रंप का बड़ा कदम, क्रिटिकल मिनरल्स के निर्यात पर कड़े नियंत्रण का आदेश

वॉशिंगटन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डिफेंस प्रोडक्शन एक्ट के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए रिकवरेबल क्रिटिकल मिनरल्स एंड मटेरियल्स के निर्यात पर कड़ा रुख अपनाया है। गुरुवार को घोषित इस व्यवस्था के तहत अमेरिका के वाणिज्य विभाग को देश की रक्षा आवश्यकताओं और औद्योगिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन संसाधनों के निर्यात पर रोक लगाने का पूर्ण अधिकार दिया गया है।
राष्ट्रपति द्वारा जारी ज्ञापन में स्पष्ट कहा गया है कि पुनरुद्धार योग्य खनिज देश के औद्योगिक और सुरक्षा ढांचे की रीढ़ हैं। विदेशी बाजारों पर अत्यधिक निर्भरता को देश के लिए एक बढ़ता सुरक्षा खतरा बताते हुए ट्रंप ने कहा कि बाहरी स्रोतों पर निर्भर रहने से आपूर्ति श्रृंखला में निरंतर बाधाएं आने की आशंका बनी रहती है। इसी खतरे से निपटने और घरेलू स्तर पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह आपातकालीन नीति लागू की जा रही है।
इस नीतिगत बदलाव के तहत वाणिज्य सचिव को व्यापक अधिकार दिए गए हैं, जिनके माध्यम से वे नियमों को लागू कर खनिजों के विदेश भेजने पर पाबंदी लगा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, पुरानी लिथियम-आयन बैटरियों और परमानेंट मैग्नेट्स जैसे इस्तेमाल हो चुके सामानों से बहुमूल्य तत्व निकालकर उनके पुनर्चक्रण पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि घरेलू संसाधनों का अधिकतम उपयोग संभव हो सके।
यह निर्णय अमेरिका के सैन्य और औद्योगिक क्षेत्रों पर सीधा प्रभाव डालेगा, क्योंकि ये खनिज रक्षा उपकरण, सैन्य विनिर्माण, ई-वाहन, सेमीकंडक्टर चिप्स और स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों के निर्माण में अनिवार्य रूप से प्रयोग होते हैं। व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया कि यह नीति विदेशी निर्भरता को कम करने और अमेरिकी उद्योग को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है, जो मार्च 2025 में खनिज उत्पादन और परमिट प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए जारी किए गए कार्यकारी आदेश का ही अगला चरण है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ प्रोसेसिंग में चीन के प्रभुत्व को देखते हुए अमेरिका अपनी सप्लाई चेन को सुरक्षित करने के लिए यह आक्रामक रुख अपना रहा है। इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जल्द ही फेडरल रजिस्टर में जारी होगी, जिसके बाद वाणिज्य विभाग इसके कार्यान्वयन हेतु विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करेगा।



