भोपाल के विद्योदय तीर्थ में आचार्य समय सागर जी के चातुर्मास समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, की कई घोषणाएं

भोपाल के महाराणा प्रताप नगर स्थित विद्योदय तीर्थ में रविवार को आयोजित पूज्य आचार्य श्री 108 समय सागर जी महाराज के चातुर्मास कलश स्थापना कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने आचार्य श्री का पाद प्रक्षालन कर आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जनप्रतिनिधियों और शासकीय अधिकारियों को आचार्य श्री का सानिध्य व विचार प्राप्त हो सके, इसके लिए सरकार एक दिन का विशेष विधानसभा सत्र आयोजित कर उन्हें विशेष रूप से आमंत्रित करेगी।
संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संतों की संगति और उनका मार्गदर्शन ही जीवन को देवमार्ग एवं श्रेष्ठता की ओर ले जाता है। आचार्य समय सागर जी महाराज का भोपाल में वर्षा योग हम सभी के लिए अत्यंत सौभाग्य का अवसर है। उन्होंने कहा कि हमारी सनातन परंपरा ‘जियो और जीने दो’ की भावना पर आधारित है और संतों से प्राप्त अहिंसा का ज्ञान ही मानव कल्याण व मोक्ष का आधार है।
प्रशासनिक दृष्टिकोण पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति में पद पर बैठा व्यक्ति शासक न होकर जनता का पहला सेवक होता है। उन्होंने बताया कि सभी धर्मों की मान्यताओं का सम्मान करते हुए प्रदेश सरकार ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पारित किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक संदर्भों के साथ आगे बढ़ा रही है। प्रदेश में गौशालाओं के बेहतर रखरखाव और गौसेवा के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिसमें आचार्य श्री के सुझावों को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सफलता के लिए जीवन में पुरुषार्थ आवश्यक है और आचार्य श्री का साहित्य समाज को सही दिशा दिखाने में सक्षम है।
आचार्य श्री 108 समय सागर जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि अहिंसा की अवधारणा व्यापक है और यह संपूर्ण विश्व का धर्म है। जिसके मन में दूसरों के प्रति प्रेम, सहानुभूति, दया और कल्याण का भाव है, वही अहिंसा का सच्चा अनुयायी है।
इस धार्मिक उत्सव में राज्य के खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, राहुल कोठारी, रवींद्र यति, दिगंबर जैन पंचायत कमेटी ट्रस्ट के अध्यक्ष पंकज जैन ‘सुपारी’ समेत कई गणमान्य नागरिक और विशाल संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।


