प्रधानमंत्री मोदी ने की ‘नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान की शुरुआत, राज्यों से मिशन मोड में लागू करने का आह्वान

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम के जरिए 100 सप्ताह तक चलने वाले राष्ट्रव्यापी ‘नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प’ अभियान का शुभारंभ किया। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, राज्य सरकारों और ‘माय भारत’ संगठन के संयुक्त प्रयासों से शुरू किए गए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य देश के युवाओं को नशे के व्यसन से दूर रखकर उनकी ऊर्जा का राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक उपयोग सुनिश्चित करना है।
इस राष्ट्रीय कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर 24 राज्यों के राज्यपालों और 11 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने वर्चुअल उपस्थिति दर्ज कराई, जबकि देश भर में 28 प्रमुख स्थलों पर विशेष आयोजनों का संचालन हुआ। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस अभियान का बीजारोपण बीते वर्ष काशी डिक्लेरेशन के दौरान युवाओं को नशे से बचाने के लिए एक सामाजिक आंदोलन चलाने के विचार से हुआ था। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वयं, अपने परिवार और देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए हर प्रकार के नशे से दूर रहें। प्रधानमंत्री ने सभी राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों से इस अभियान को अपने-अपने क्षेत्रों में मिशन मोड में लागू करने और प्रत्येक रविवार को जन-जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने की अपील की। उन्होंने यह भी साझा किया कि अभियान के पहले ही दिन एक करोड़ से अधिक युवाओं ने नशामुक्त रहने का संकल्प लिया है।
फरीदाबाद स्थित अमृत विश्व विद्यापीठम् से वर्चुअली जुड़े केंद्रीय युवा कार्यक्रम, खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने नशे को अपराध के बजाय एक बीमारी करार देते हुए कहा कि इसका समय पर इलाज संभव है। उन्होंने रेखांकित किया कि जिस तरह देश ने स्वच्छ भारत मिशन और फिट इंडिया मूवमेंट को सफलता के आयाम तक पहुंचाया है, उसी प्रकार नशामुक्त भारत का लक्ष्य भी सामाजिक चेतना और सामूहिक जिम्मेदारी के बल पर हासिल किया जाएगा।
मध्य प्रदेश में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन भोपाल के मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा किया गया, जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उपस्थित विद्यार्थियों और अधिकारियों को नशामुक्त जीवन जीने की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश के 19 धार्मिक नगरों की निकायों और पंचायतों की सीमा में पूर्ण शराबबंदी लागू कर शराब की दुकानों को हटा दिया है। इसके अलावा, अवैध नशे के कारोबार और मादक पदार्थों की तस्करी पर नकेल कसने के लिए पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय स्थापित किया गया है। उन्होंने ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान के लिए राज्य पुलिस विभाग की सराहना भी की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उल्लेख किया कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2029 तक देश को पूरी तरह नशामुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। राज्य की प्रशासनिक संकल्पबद्धता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश ने 31 मार्च 2026 की निर्धारित समय-सीमा से पूर्व ही राज्य से नक्सलवाद का सफाया कर दिया है और दस्यु समस्या को भी पूरी तरह खत्म किया है। उन्होंने युवाओं से अपनी असीम आंतरिक ऊर्जा का सही दिशा में उपयोग कर ‘विकसित भारत@2047’ के संकल्प को सिद्ध करने का आग्रह किया।
मैनिट में आयोजित इस समारोह में राज्य के खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव, मैनिट के निदेशक प्रो. मनमोहन कापसे, ‘माय भारत’ संगठन के राज्य निदेशक मंगलराम जाखड़, जनसंपर्क आयुक्त मनीष सिंह तथा भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा सहित बड़ी संख्या में फैकल्टी और छात्र उपस्थित रहे। खेल मंत्री सारंग ने नशामुक्ति के संदेश को प्रदेश के हर गांव, नगर और घर-घर तक पहुंचाने की बात कही। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ और अंत में ‘माय भारत’ के राज्य निदेशक द्वारा आभार व्यक्त किया गया।


