भाजपा सांसद राघव चड्ढा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की मुलाकात, भगवान गणेश की प्रतिमा भेंट कर जताया आभार

संसद के मानसून सत्र के दौरान भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस मुलाकात की तस्वीर उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा की, जिसमें वे प्रधानमंत्री को भगवान गणेश की प्रतिमा भेंट करते दिखाई दे रहे हैं। चड्ढा ने इस बैठक को अपने लिए बेहद खास, प्रेरणादायक और अविस्मरणीय अनुभव बताया।

सोशल मीडिया पोस्ट में राघव चड्ढा ने लिखा कि यह एक ऐसी सुबह है जिसे वे हमेशा याद रखेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ हुई बातचीत को अत्यंत विस्तृत एवं समृद्ध बताते हुए कहा कि देश के शीर्ष नेतृत्व से मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए मार्गदर्शन और बहुमूल्य समय के लिए उनका सहृदय आभार व्यक्त किया।

उल्लेखनीय है कि इस व्यक्तिगत मुलाकात से ठीक एक दिन पूर्व यानी शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 45 सांसदों के साथ नाश्ते पर एक महत्वपूर्ण बैठक की थी। इस बैठक में शामिल होने वाले अधिकांश सांसद वे थे, जिन्होंने हाल के दिनों में अपने मूल राजनीतिक दलों को छोड़कर भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का दामन थामा है।

यह बैठक ऐसे समय में आयोजित हुई जब संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्षी दलों के विरोध-प्रदर्शन के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हो रही है। रिपोर्टों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों के साथ चर्चा के दौरान संसदीय कामकाज में आ रहे इन व्यवधानों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लगातार हंगामे की वजह से कई जनप्रतिनिधियों को अपनी बात रखने और संसदीय कार्यवाही में भाग लेने के अवसरों से वंचित होना पड़ रहा है।

संसदीय गतिरोध के बीच प्रधानमंत्री ने एनडीए में शामिल हुए नए सहयोगियों को आश्वस्त किया। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) छोड़कर आए नेताओं सहित अन्य सांसदों को भरोसा दिलाया कि उन्हें किसी भी बात को लेकर चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरा एनडीए गठबंधन उनके साथ मजबूती से खड़ा है और उन्हें हर संभव सहयोग दिया जाएगा।

इस बैठक में विभिन्न राजनीतिक पृष्ठभूमियों के नेता मौजूद रहे। आंकड़ों के अनुसार, इसमें तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसद शामिल हुए, जिन्होंने नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया में विलय कर लिया है। इसके अलावा, शिवसेना (यूबीटी) के सात पूर्व सांसद भी मौजूद थे, जिनमें से छह आधिकारिक तौर पर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना से जुड़ चुके हैं।

बैठक में नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के 20 और अजित पवार की अगुवाई वाले एनसीपी गुट के दो सांसदों ने भी भाग लिया। संसद में जारी राजनीतिक घटनाक्रम और विपक्षी हमलों के बीच प्रधानमंत्री की इस पहल को एनडीए के भीतर आंतरिक तालमेल को मजबूत करने और उभरते नए राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button