‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के 84 वर्ष: पीएम मोदी ने सेनानियों के बलिदान को किया याद, बताया प्रेरणा स्रोत

देश में रविवार को ऐतिहासिक ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की 84वीं वर्षगांठ मनाई गई, जिस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता आंदोलन के वीरों को याद कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में आंदोलनकारियों के अदम्य साहस और निष्ठा को नमन किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि इस ऐतिहासिक आंदोलन में भाग लेने वाले प्रत्येक सेनानी का शौर्य देशवासियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के नेतृत्व से प्रेरित ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के आह्वान ने आजादी की लड़ाई में नवचेतना का संचार किया और ब्रिटिश शासन से मुक्ति पाने के जन-जन के दृढ़ संकल्प को सामने रखा।
9 अगस्त 1942 को महात्मा गांधी के नेतृत्व में शुरू हुए इस ऐतिहासिक घटनाक्रम ने भारत को स्वतंत्र कराने के सतत प्रयासों को एक नई दिशा और ताकत दी थी।
इस दौरान दिए गए “करो या मरो” के आह्वान ने तमाम सामाजिक व क्षेत्रीय सीमाओं से ऊपर उठकर लाखों भारतीयों को देश की स्वतंत्रता के लिए एक मंच पर खड़ा कर दिया। ब्रिटिश हुकूमत के कड़े जुल्मों, कारावास और तमाम विपत्तियों के बाद भी स्वतंत्रता सेनानियों का हौसला और संकल्प कभी कमजोर नहीं पड़ा।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के इसी त्याग और अटूट समर्पण ने आंदोलन को निर्णायक स्तर पर पहुंचाया, जिससे 1947 में भारत को औपनिवेशिक शासन से आजादी हासिल हुई।



