होर्मुज जलडमरूमध्य से रोजाना 80 से 90 लाख बैरल तेल की आपूर्ति जारी: अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट

अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने हाल ही में स्पष्ट किया है कि ईरान के साथ जारी गतिरोध के बावजूद रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) से प्रतिदिन 80 लाख से 90 लाख बैरल कच्चे तेल का परिवहन हो रहा है। उन्होंने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें संघर्ष के चलते इस समुद्री मार्ग से तेल यातायात में भारी गिरावट की बात कही जा रही थी।
फॉक्स न्यूज के पत्रकार ब्रेट बेयर को दिए एक साक्षात्कार में क्रिस राइट ने बताया कि वाणिज्यिक ट्रैकिंग एजेंसियों के आंकड़े जमीनी हकीकत को पूरी तरह नहीं दर्शा रहे हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि अधिकांश जहाज सैन्य सुरक्षा के साये में अपने ट्रांसपोंडर बंद रखकर आवागमन कर रहे हैं। ऊर्जा सचिव ने जोर देकर कहा कि अमेरिकी प्रशासन को इस मार्ग से गुजरने वाले प्रत्येक पोत और उसमें मौजूद माल की सटीक जानकारी है।
क्रिस राइट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारी सीधे तौर पर मालवाहक जहाजों के संपर्क में हैं और उन्हें उत्तरी तथा दक्षिणी दोनों समुद्री रास्तों से जहाजों की दैनिक आवाजाही की पूरी रिपोर्ट मिल रही है। इससे पहले कमर्शियल ट्रैकिंग फर्म ‘केप्लर’ ने कहा था कि तनाव से पूर्व इस जलमार्ग से प्रतिदिन 100 से अधिक जहाज गुजरते थे, जबकि सोमवार और मंगलवार को यह संख्या घटकर मात्र 14-14 रह गई। राइट ने इन आंकड़ों को अधूरा बताते हुए कहा कि सुरक्षा कारणों से ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS) और ट्रांसपोंडर बंद होने के कारण ये जहाज ट्रैकिंग रडार पर दिखाई नहीं दे रहे हैं।
तेल की वैश्विक आपूर्ति का विवरण देते हुए उन्होंने कहा कि होर्मुज के जरिए 80 से 90 लाख बैरल प्रतिदिन के अलावा लगभग 60 लाख बैरल तेल पाइपलाइनों के माध्यम से भेजा जा रहा है। इस प्रकार, अरब खाड़ी क्षेत्र से वर्तमान में हर दिन करीब 1.40 से 1.50 करोड़ बैरल तेल निकल रहा है, जो कि संघर्ष-पूर्व के 2 करोड़ बैरल प्रतिदिन के आंकड़े से केवल 50 से 60 लाख बैरल ही कम है। उन्होंने कहा कि आपूर्ति में आई यह कमी उतनी गंभीर नहीं है जितनी जताई जा रही है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान पर, जिसमें होर्मुज पर पूर्ण अमेरिकी नियंत्रण का दावा किया गया था, राइट ने कहा कि ईरान अब भी पड़ोसी देशों और वैश्विक अर्थव्यवस्था के समक्ष चुनौतियां खड़ी कर रहा है। हालांकि, उन्होंने रेखांकित किया कि अमेरिकी सुरक्षा अभियानों के मजबूत होने से जलमार्ग को बाधित करने की ईरान की क्षमता लगातार घटती जा रही है।
घरेलू मोर्चे पर बात करते हुए अमेरिकी ऊर्जा सचिव ने माना कि देश में पेट्रोल की दरें करीब 4 डॉलर प्रति गैलन के स्तर पर हैं, जिसे प्रशासन 3 डॉलर के करीब लाने के प्रयास में जुटा है। हालांकि उन्होंने इसके लिए कोई समय सीमा तय नहीं की। उन्होंने यह भी जोड़ा कि वर्तमान में कच्चे तेल की उपलब्धता की तुलना में रिफाइनिंग क्षमता पर अधिक दबाव है, जिसके लिए उन्होंने रूसी रिफाइनरियों पर यूक्रेनी हमलों को भी जिम्मेदार ठहराया।


