विदेशी व्यापार के मोर्चे पर राहत: जुलाई में निर्यात 44.24 अरब डॉलर दर्ज

देश के निर्यात क्षेत्र ने जुलाई के महीने में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए 19.63 प्रतिशत की सालाना वृद्धि हासिल की है, जिसके साथ कुल निर्यात 44.24 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। हालांकि, आयात बिल में आई तेजी के कारण देश का व्यापार घाटा भी विस्तृत होकर 31.98 अरब अमेरिकी डॉलर दर्ज किया गया।
समीक्षाधीन महीने में देश का कुल आयात 17.52 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज करते हुए 76.22 अरब अमेरिकी डॉलर पर जा पहुंचा। आयात के ऊंचे स्तर के कारण ही निर्यात में दर्ज दोहरे अंकों की वृद्धि के बाद भी व्यापार संतुलन पर दबाव देखा गया।
वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रथम चार माह (अप्रैल-जुलाई) के संयुक्त आंकड़ों के अनुसार, भारत का कुल बाह्य व्यापार विस्तार की राह पर है। इस दौरान देश का निर्यात 17.04 प्रतिशत के सुधार के साथ 173.78 अरब डॉलर पर पहुंचा, जबकि आयात में 19.27 प्रतिशत की तेजी आई और यह 292.38 अरब डॉलर दर्ज हुआ।
व्यापारिक स्थिति पर मीडिया से मुखातिब होते हुए वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने क्षेत्रीय और वस्तुगत प्रदर्शन का ब्योरा दिया। उन्होंने रेखांकित किया कि जुलाई महीने में पश्चिम एशिया के बाजारों में भारत की पैठ बेहतर हुई है, जहां का निर्यात 8.62 फीसदी बढ़कर 5.7 अरब डॉलर दर्ज किया गया।
वाणिज्य सचिव के अनुसार, भारतीय निर्यात में इस उछाल का प्रमुख आधार इंजीनियरिंग सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स, पेट्रोलियम उत्पाद तथा समुद्री उत्पादों की वैश्विक मांग में हुई बढ़ोतरी रही, जिसने समग्र आंकड़े को ऊपर ले जाने में अहम भूमिका निभाई।


