युवा राजनीति में आएं और लोकतंत्र को मजबूत करें: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को विधानसभा परिसर स्थित विधान परिषद में ‘संसद यूथ पार्लियामेंट 2026’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर युवाओं का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को डॉक्टर और इंजीनियर बनने के साथ-साथ राजनीति में भी सक्रिय रूप से कदम रखना चाहिए, ताकि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिल सके।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान को याद किया। उन्होंने नेताजी सुभाषचंद्र बोस का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने आईसीएस की प्रतिष्ठित नौकरी छोड़कर ब्रिटिश हुकूमत को चुनौती दी और देश को स्वतंत्र कराने के लिए आंदोलन का मार्ग चुना। मुख्यमंत्री ने लोकतांत्रिक प्रणाली, संसदीय मर्यादाओं और नीति-निर्माण से युवाओं को जोड़ने के इस आयोजन को अनुकरणीय कदम बताया।
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबके प्रयास’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के लिए सभी नागरिकों के अधिकार एक समान हैं। मध्य प्रदेश में यूसीसी को लेकर सभी जिलों और धर्मों के लोगों से व्यापक परामर्श किया गया, जिसमें 76 प्रतिशत मुस्लिम महिलाओं ने इसका समर्थन किया। मध्य प्रदेश देश के उन प्रमुख राज्यों में अग्रणी है, जिसने इस दिशा में विधेयक पारित किया है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा राष्ट्र है। इस आयोजन में 12 राज्यों और 58 शहरों के युवाओं की सहभागिता रही। उन्होंने युवा संसद में बेटियों की उपस्थिति को महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण बताया और कहा कि सनातन परंपरा में मातृशक्ति का स्थान सदैव सर्वोपरि रहा है। उन्होंने न्यायपालिका के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद ही अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण संभव हुआ है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने युवा संसद को ‘लघु भारत’ की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि 1857 की क्रांति से लेकर अमर शहीद भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, सुखदेव, राजगुरु, अशफाक उल्ला खां और रामप्रसाद बिस्मिल जैसे अनगिनत क्रांतिकारियों ने युवावस्था में ही स्वाधीनता के लिए संघर्ष किया था। उन्होंने आदिगुरु शंकराचार्य, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों का उल्लेख करते हुए समान नागरिक संहिता और ‘एक देश, एक विधान’ के महत्व को रेखांकित किया।
समारोह में दिलीप बिल्डकॉन के सीएमडी दिलीप सूर्यवंशी ने कहा कि राज्य में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से रोजगार के बड़े अवसर तैयार हो रहे हैं। वहीं, युवा सांसद आरब सिंह शर्मा ने राज्य सरकार की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में 274 सांदीपनि विद्यालय संचालित हैं और 200 नए विद्यालय प्रस्तावित हैं। कार्यक्रम के दौरान पूर्व राज्यसभा सांसद पद्मश्री डॉ. विकास महात्मे और विधानसभा सचिव अरविंद शर्मा का सम्मान किया गया। इस आयोजन का संचालन साकार दृष्टि सोशल फाउंडेशन और कैलिडोहोप नागपुर द्वारा किया गया।



