सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में बंद; मिडकैप-स्मॉलकैप में तेजी, आईटी इंडेक्स 2 फीसदी लुढ़का

आईटी और रोजमर्रा के उपभोग उत्पाद (एफएमसीजी) बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में आई बिकवाली के कारण सोमवार को भारतीय शेयर बाजार नुकसान के साथ बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स 281.09 अंक या 0.36 फीसदी गिरकर 77,728.16 अंक के स्तर पर आ गया। इसी तरह, एनएसई निफ्टी 78.35 अंक यानी 0.32 फीसदी की नरमी के साथ 24,287.65 अंक पर स्थिर हुआ।
निफ्टी पैक में एचसीएल टेक्नोलॉजीज, इंफोसिस और सन फार्मास्युटिकल्स गिरावट वाले प्रमुख शेयरों में शुमार रहे, जिनकी कमजोरी ने बाजार पर दबाव बनाए रखा। सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी आईटी इंडेक्स लगभग 2 फीसदी का गोता लगाकर सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाला इंडेक्स रहा। इसके विपरीत, मेटल और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में अच्छी लिवाली देखी गई, जिससे इन दोनों सूचकांकों ने सबसे अधिक बढ़त हासिल की।
मुख्य सूचकांकों में सुस्ती के बावजूद छोटे और मझोले शेयरों में सकारात्मक रुझान बरकरार रहा। दिन के कारोबार के अंत में निफ्टी मिडकैप में 0.05 प्रतिशत का मामूली सुधार दर्ज हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 0.36 प्रतिशत की बढ़त दर्ज करते हुए हरे निशान में बंद हुआ।
चार्ट के लिहाज से 24,400 अंक का दायरा निफ्टी के लिए कड़ा प्रतिरोध बना हुआ है। इस सीमा के पार निरंतर बढ़त बनने पर सूचकांक 24,500 से 24,600 अंक तक जा सकता है। वहीं गिरावट की स्थिति में 24,300 से 24,200 अंक का क्षेत्र मजबूत सहारा प्रदान कर रहा है। यदि सूचकांक 24,250 अंक के नीचे निर्णायक रूप से जाता है, तो बिकवाली बढ़ने से निफ्टी 24,000 अंक तक गिर सकता है।
घरेलू स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती लागत और आरबीआई द्वारा एफसीएनआर (बी) जमा योजना को अवधि से पहले समाप्त किए जाने के कदम से बॉन्ड प्रतिफल में तेजी दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की कमजोरी और सुस्त उपभोक्ता आंकड़ों ने आने वाले समय में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की चिंताओं को कुछ कम किया है, फिर भी आने वाले दिनों में बाजार की चाल उतार-चढ़ाव भरी रहने की संभावना है।



