चुनावी साक्षरता बढ़ाने के लिए ईएलसी 2.0 की शुरुआत, शिक्षण संस्थानों के जरिए युवाओं को जागरूक करेगा निर्वाचन आयोग

भारत निर्वाचन आयोग की ओर से पटना के ज्ञान भवन में आयोजित एक विशेष सम्मेलन में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब्स 2.0 (ईएलसी 2.0) का शुभारंभ किया गया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि देश के युवाओं को चुनावी प्रक्रियाओं की सटीक जानकारी देने और उन्हें जागरूक नागरिक बनाने में शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने स्पष्ट किया कि भारत में सभी चुनाव संवैधानिक मर्यादाओं, कानूनों और तय नियमों के तहत संपन्न कराए जाते हैं। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया में राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की सतत निगरानी रहती है, जिससे निष्पक्षता बनी रहती है। उन्होंने कहा कि युवाओं को वोटिंग सिस्टम, वोटर रजिस्ट्रेशन, मतदान और मतगणना जैसी अनिवार्य प्रक्रियाओं की सही और तथ्यात्मक समझ होनी चाहिए ताकि लोकतांत्रिक व्यवस्था में उनका भरोसा और मजबूत हो सके।
कार्यक्रम के दौरान इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब के नवीन लोगो और ‘लोकतंत्र सीखें। लोकतंत्र का नेतृत्व करें’ टैगलाइन को सार्वजनिक किया गया। इसका लक्ष्य पहली बार वोट देने जा रहे युवाओं को लोकतंत्र की मूल भावना से जोड़ना है।
ज्ञानेश कुमार ने अपने 16-17 अगस्त 2026 के बिहार दौरे में राजगीर अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में बीएलओ के साथ बैठक की तथा मधुबनी, वैशाली और नालंदा में प्रशासनिक तैयारियों का जायजा लिया।
ईएलसी 2.0 को व्यापक बनाने के लिए इसे ईसीआईनेट से जोड़ा जा रहा है, जिससे चुनाव संबंधी सभी डिजिटल सेवाएं एक ही मंच पर मिलेंगी। देश के करीब 15 लाख स्कूलों, 25 करोड़ से अधिक विद्यार्थियों और उच्च शिक्षा के 70 हजार संस्थानों तक पहुंचकर यह क्लब सालभर सक्रिय रहेगा। इसके जरिए छात्रों को मतदाता पंजीकरण से लेकर मतगणना तक के सभी चरणों और ईसीआईनेट ऐप की कार्यप्रणाली के प्रति प्रशिक्षित किया जाएगा।



