आंतरिक समस्याओं का निवारण हमारी अपनी सरकार करेगी, विदेशी राजदूत से शिकायत करना मेरी कार्यशैली नहीं: उमर अब्दुल्ला

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के कश्मीर आगमन का स्वागत करते हुए मुलाकात की इच्छा व्यक्त की, लेकिन यह दो-टूक कहा कि क्षेत्रीय प्रशासन से जुड़े विषय देश के आंतरिक मामले हैं।
अमेरिकी राजदूत के इस हाई-प्रोफाइल दौरे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि काफी समय बाद किसी अमेरिकी राजदूत का यहां दौरा हो रहा है और वे उनके विचारों को सुनने तथा जम्मू-कश्मीर पर चर्चा करने के इच्छुक हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय समस्याओं का समाधान विदेशी राजनयिकों के माध्यम से नहीं खोजा जा सकता और न ही उनके समक्ष अपनी समस्याएं रखना उनकी आदत है। इन मामलों को सुलझाने की जिम्मेदारी उनकी अपनी सरकार की है।
श्रीनगर के कुछ हिस्सों में जलजमाव के कारण नागरिकों को हो रही असुविधा पर मुख्यमंत्री ने माना कि यह संकट पिछले कुछ वर्षों का नहीं बल्कि दशकों पुराना है। उन्होंने कहा कि बिना ड्रेनेज प्रावधान के कॉलोनियों के निर्माण की अनुमति मिलने के कारणों पर उलझने के बजाय अब प्रशासन वहां जल निकासी व्यवस्था स्थापित कर रहा है। प्रभावित स्थानों को चिन्हित किया जा चुका है और मौसम विज्ञान विभाग के अलर्ट के अनुसार अतिरिक्त पंपिंग का प्रबंध किया जाता है।
इसके इतर, अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने मंगलवार को अमेरिका-भारत व्यापारिक साझेदारी को नई ऊंचाई देने की पैरवी की। उन्होंने स्थिर नियामक नीतियों, स्पष्ट व पूर्वानुमेय टैक्स प्रणाली, नवाचारों की सुरक्षा हेतु सुदृढ़ इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ढांचे तथा तकनीकी आदान-प्रदान और निर्यात नियंत्रण पर मुक्त विमर्श का आह्वान किया।
राजदूत ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में ‘ट्रस्ट इनिशिएटिव’ के तहत एआई, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग, रक्षा तकनीक और महत्वपूर्ण खनिजों के रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग तेज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत के साथ साझेदारी को मजबूत करने में लगातार निवेश किया है। गोर ने नई दिल्ली में आयोजित ‘ग्लोबल एआई समिट’ में अमेरिकी उद्यमों की व्यापक उपस्थिति का हवाला देते हुए वैश्विक तकनीकी तंत्र में भारत की केंद्रीय भूमिका को भी रेखांकित किया।



