एफआईएच पुरुष हॉकी विश्व कप: वागेनर स्टेडियम में पाकिस्तान के खिलाफ मजबूत आंकड़ों के साथ उतरेगा भारत
वागेनर हॉकी स्टेडियम में बुधवार को एफआईएच पुरुष हॉकी विश्व कप 2026 के पूल डी मुकाबले में भारत का सामना अपने पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से होगा। पिछले दस वर्षों में पाकिस्तान के खिलाफ 19 मैचों में 17 जीत और दो ड्रॉ के प्रभावशाली रिकॉर्ड के साथ भारतीय टीम मैदान पर उतरेगी।
दोनों ही टीमों के लिए यह मुकाबला अगले दौर के लिहाज से निर्णायक माना जा रहा है। ग्रुप से इंग्लैंड पहले ही शीर्ष दो में स्थान सुरक्षित कर चुका है, जिसके बाद दूसरे स्थान के लिए भारत, पाकिस्तान और वेल्स के बीच प्रतिस्पर्धा बनी हुई है। भारत ने अपने अभियान में वेल्स को 3-1 से हराया था और इंग्लैंड से 2-4 से हारा था, जिससे वह तीन अंकों के साथ तालिका में दूसरे स्थान पर है। वहीं पाकिस्तान एक अंक के साथ संघर्ष कर रहा है, जिसे वेल्स से ड्रॉ और इंग्लैंड से 1-4 की शिकस्त मिली थी। सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए भारत को मैच ड्रॉ कराने की जरूरत है, जबकि पाकिस्तान को अनिवार्य रूप से जीत हासिल करनी होगी।
हेड-टू-हेड आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले 10 सालों में भारतीय टीम का दबदबा निर्विवाद रहा है। 2016 में भारत ने 3-2 और 5-1 से जीत दर्ज की थी, जबकि 2017 में 7-1 और 6-1 के अंतर से मुकाबले जीते। वर्ष 2023 में भारत ने एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में 4-0 और एशियाई खेलों में 10-2 के भारी अंतर से पाकिस्तान को मात दी। इसी क्रम को जारी रखते हुए 2026 में एफआईएच प्रो लीग के दौरान भी भारत ने 4-3 और 7-1 के स्कोर से जीत हासिल की है।
टीम की वर्तमान शैली पर पूर्व भारतीय गोलकीपर और पूर्व कप्तान पीआर श्रीजेश का मानना है कि भारतीय दल की फिटनेस, गेम अवेयरनेस और रणनीतिक फैसलों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उनके अनुसार, मैच के अंतिम पलों में गोल खाने की पुरानी कमजोरी से उबरकर भारतीय टीम अब आखिरी पलों में गोल करने में पूरी तरह सक्षम है।
इस अहम मैच में कप्तान हरमनप्रीत सिंह भारतीय आक्रमण की मुख्य धुरी होंगे। प्रतियोगिता में अब तक उनके नाम तीन गोल दर्ज हैं, जो सभी पेनल्टी कॉर्नर से आए हैं। पाकिस्तान की रक्षापंक्ति के खिलाफ हरमनप्रीत की ड्रैग-फ्लिक क्षमता भारत के लिए सबसे बड़ा हथियार साबित हो सकती है।

