रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता: सीएसआईआर-एनएएल ने पेश किए तीन स्वदेशी गैस टर्बाइन इंजन

सीएसआईआर-राष्ट्रीय एयरोस्पेस प्रयोगशाला (सीएसआईआर-एनएएल) ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित सीएसआईआर मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान तीन स्वदेशी अत्यंत छोटे और लघु गैस टर्बाइन इंजनों का अनावरण किया।
संस्थान द्वारा विकसित इन उन्नत प्रणोदन इंजनों में 5 किलोग्राम थ्रस्ट क्षमता वाला एनजे-05, 50 किलोग्राम थ्रस्ट का एनजे-50 और 100 किलोग्राम थ्रस्ट वाला एनजे-100 मॉडल शामिल है। इन प्रणालियों को सामरिक मानवरहित हवाई वाहनों (यूएवी), ड्रोन इंटरसेप्टर और सघन मिसाइल प्रणालियों सहित कई महत्वपूर्ण रक्षा अनुप्रयोगों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसे एयरोस्पेस प्रणोदन के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
समारोह में रक्षा और वैज्ञानिक क्षेत्र के शीर्ष नेतृत्व ने शिरकत की। चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष एवं एकीकृत रक्षा स्टाफ प्रमुख एयर मार्शल तेजिंदर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान सीएसआईआर की महानिदेशक व वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान विभाग की सचिव डॉ. एन. कलाइसेल्वी और सीएसआईआर-एनएएल के निदेशक डॉ. अभय ए. पशिलकर भी मौजूद रहे।
एयर मार्शल तेजिंदर सिंह ने अत्याधुनिक गैस टर्बाइन प्रौद्योगिकियों के घरेलू विकास के रणनीतिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इन महत्वपूर्ण तकनीकों में स्वदेशी क्षमता प्राप्त करने से राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत होगी और सशस्त्र बलों की तकनीकी आत्मनिर्भरता को नया संबल मिलेगा।
इंजन के विकास पर श्री आर. प्रथापनायका के नेतृत्व वाली वैज्ञानिक टीम ने तकनीकी प्रस्तुति दी। टीम ने उच्च-आरपीएम टर्बोमशीनरी और उच्च-तापमान दहन तकनीक के क्षेत्र में हुई प्रगति की जानकारी साझा की, जिनके आधार पर इन प्रणोदन प्रणालियों का निर्माण संभव हुआ है।
सीएसआईआर की महानिदेशक डॉ. एन. कलाइसेल्वी ने परियोजना दल की सराहना करते हुए कहा कि विशिष्ट व महत्वपूर्ण उप-प्रणालियों का स्वदेशी विकास एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धि है। वहीं, सीएसआईआर-एनएएल के निदेशक डॉ. अभय ए. पशिलकर ने कहा कि भारतीय उद्योग और एयरोस्पेस स्टार्टअप्स में इन इंजनों के बड़े पैमाने पर उत्पादन की क्षमता है, जिससे देश के तेजी से बढ़ते यूएवी और रक्षा एयरोस्पेस पारितंत्र को गति मिलेगी।



