दिनुषा के नाबाद शतक से दूसरा टेस्ट ड्रॉ, टीम इंडिया ने टेस्ट सीरीज पर किया कब्जा

भारतीय क्रिकेट टीम ने गुरुवार को श्रीलंका के खिलाफ दूसरा टेस्ट मैच ड्रॉ होने के साथ ही दो मैचों की टेस्ट श्रृंखला 1-0 से अपने नाम कर ली। सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर पांचवें दिन मेजबान श्रीलंका ने अपनी दूसरी पारी में 9 विकेट पर 429 रन बनाए, जिसके बाद दोनों पक्षों की रजामंदी से मैच ड्रॉ घोषित कर दिया गया।
मुकाबले में टॉस जीतकर पहले खेलने उतरी भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी 9 विकेट पर 503 रन बनाकर घोषित की थी। भारत की इस मजबूत स्थिति की नींव देवदत्त पड्डिकल (117 रन) और ध्रुव जुरेल (नाबाद 115 रन) के शतकों ने रखी। कप्तान शुभमन गिल (50) ने पड्डिकल के साथ 120 रनों की साझेदारी की, जबकि ऋषभ पंत (63) ने जुरेल के साथ 112 रन जोड़े। श्रीलंका के लिए असिथा फर्नांडो ने सर्वाधिक 4 विकेट झटके, वहीं प्रभात जयसूर्या और केशरा नुवानथा को 2-2 सफलताएं मिलीं।
इसके जवाब में श्रीलंकाई टीम अपनी पहली पारी में 290 रनों के योग पर ऑलआउट हो गई। पसिंदु सूरियाबंदारा के 80 और कामिंदु मेंडिस के 32 रनों के बावजूद टीम एक समय 173 रन पर 7 विकेट गंवा चुकी थी। इसके बाद सोनल दिनुषा ने 103 रनों की पारी खेली और नुवानथा (57 रन की साझेदारी) व लाहिरू कुमारा (12 रन, 58 रन की साझेदारी) के साथ मिलकर टीम को 290 तक पहुंचाया। भारत की तरफ से प्रसिद्ध कृष्णा और मानव सुथार ने 3-3, जबकि सारांश जैन ने 2 विकेट लिए।
फॉलोऑन मिलने के बाद श्रीलंका ने दूसरी पारी में 63 रन पर 2 विकेट खो दिए थे, लेकिन सूरियाबंदारा (92) और मेंडिस के बीच हुई 115 रनों की साझेदारी ने पारी को संभाला। चौथे दिन के अंत तक मेजबान टीम 6 विकेट पर 229 रन बना पाई थी और उसे केवल 16 रनों की बढ़त हासिल थी। पांचवें दिन भारतीय टीम को मैच जीतने के लिए 4 विकेटों की तलाश थी, जिसे सोनल दिनुषा के नाबाद 133 रनों (264 गेंद, 8 चौके, 2 छक्के) ने नाकाम कर दिया।
दिनुषा ने नुवानथा (46) के साथ सातवें विकेट के लिए 112 रनों की अहम साझेदारी की। भारत की दूसरी पारी की गेंदबाजी में मानव सुथार व रवींद्र जडेजा को 3-3 विकेट मिले, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज और सारांश जैन ने 1-1 विकेट लिया। पहले टेस्ट में 165 रन से जीत हासिल करने वाली भारतीय टीम के खिलाफ सीरीज बराबर करने के लिए श्रीलंका को यह मैच जीतना अनिवार्य था, परंतु मैच ड्रॉ होने से ट्रॉफी भारत के नाम रही।



