आईटी शेयरों में मजबूती से संभला शेयर बाजार, वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल के रुख पर टिकी निवेशकों की नजर

शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों ने सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियों के शेयरों में दर्ज की गई तेजी के सहारे बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत की। हालांकि, जैक्सन होल संगोष्ठी में अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के आगामी संबोधन को देखते हुए निवेशकों ने शुरुआती सत्र में सतर्कता का रुख बनाए रखा।
शुरुआती कारोबारी सत्र के दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 193.02 अंक यानी 0.25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करते हुए 77,126.61 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का मानक सूचकांक निफ्टी भी 33.80 अंक अथवा 0.14 प्रतिशत की मजबूती के साथ 24,124.65 अंक पर पहुंच गया।
बाजार को गति देने में आईटी क्षेत्र के शेयरों की प्रमुख भूमिका रही। निफ्टी में टेक महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और इंफोसिस के शेयरों में उल्लेखनीय खरीदारी देखी गई और ये शीर्ष लाभ कमाने वाले शेयरों में शामिल रहे। सेक्टोरल सूचकांकों की बात करें तो निफ्टी आईटी इंडेक्स 1 प्रतिशत से अधिक की छलांग लगाकर सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर बना। इसके अतिरिक्त निफ्टी मेटल और निफ्टी मीडिया सूचकांकों में भी मजबूती का रुझान देखा गया।
व्यापक बाजार में भी सकारात्मक रुख बना रहा, जहां निफ्टी मिडकैप में 0.03 प्रतिशत तथा निफ्टी स्मॉलकैप में 0.16 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके विपरीत, बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में दबाव देखने को मिला, जहां निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज सूचकांक अपेक्षाकृत कमजोर स्थिति में कारोबार करते नजर आए।
इस बीच, बाजार प्रतिभागियों का मुख्य ध्यान अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और ब्याज दरों को लेकर अपनाए जाने वाले संभावित रुख पर टिका हुआ है, क्योंकि इसका सीधा प्रभाव अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजारों पर पड़ सकता है। दूसरी तरफ, होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोले जाने के संबंध में किसी कूटनीतिक समाधान के संकेत न मिलने से अनिश्चितता बरकरार है, जिसके चलते ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत एक बार फिर 89 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है और यह स्थिति बाजार की धारणा को प्रभावित कर रही है।



