पश्चिम बंगाल: ओएनजीसी की अशोकनगर हाइड्रोकार्बन परियोजना व्यावसायिक उत्पादन के करीब, हल्दिया भेजी गई कच्चे तेल की पहली खेप

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने घोषणा की है कि पश्चिम बंगाल के अशोकनगर में ओएनजीसी की पहली व्यावसायिक हाइड्रोकार्बन खोज अब वास्तविक उत्पादन और दोहन के निर्णायक दौर में पहुंच गई है। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा किए गए एक संदेश में उन्होंने बताया कि 30 मई 2026 को शुरू हुए खनन कार्य के तीन माह से भी कम समय के भीतर इस क्षेत्र से उच्च गुणवत्ता वाले कच्चे तेल का सफल प्रवाह स्थापित कर लिया गया है।
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, विकास कुएं ‘एएस-1जेड’ की ड्रिलिंग में मिली इस त्वरित सफलता के बाद अशोकनगर से निकाले गए कच्चे तेल की पहली खेप इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की हल्दिया रिफाइनरी के लिए रवाना कर दी गई है। इस अवसर पर स्थानीय विधायक डॉ. सुमय हीरा तथा ओएनजीसी के अन्वेषण निदेशक भी उपस्थित रहे।
इस उपलब्धि को देश की ऊर्जा सुरक्षा से जोड़ते हुए हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में घरेलू हाइड्रोकार्बन उत्पादन को बढ़ावा देने का जो व्यापक अभियान चल रहा है, उसी के तहत बंगाल बेसिन की यह खोज अब पूर्ण व्यावसायीकरण की ओर अग्रसर है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्षों के अन्वेषण और निरंतर प्रयासों का वास्तविक उत्पादन में बदलना एक महत्वपूर्ण रणनीतिक उपलब्धि है, जिससे राष्ट्रीय हाइड्रोकार्बन मानचित्र पर पश्चिम बंगाल की स्थिति और अधिक सुदृढ़ होगी। वर्तमान में भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयातित तेल और गैस पर निर्भर है, ऐसे में अशोकनगर जैसी घरेलू खोजें आयात पर निर्भरता घटाने और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मजबूत करने में अहम योगदान देंगी।
केंद्रीय मंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि यह सफलता पूरे बंगाल बेसिन में तेल और गैस अन्वेषण को एक नई गति प्रदान करेगी। इससे राज्य के ऊर्जा क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित होंगी और भविष्य में इस समूचे क्षेत्र के भीतर हाइड्रोकार्बन विकास से जुड़े निवेश व अन्वेषण कार्यों में उल्लेखनीय विस्तार होगा।


